RRT News- सरकार और तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलिंडर की कालाबाजारी रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि सिलिंडर सही व्यक्ति तक पहुँचे, 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) अनिवार्य कर दिया है। जब आप सिलिंडर बुक करते हैं, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक 4 अंकों का कोड (OTP) भेजा जाता है। जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलिंडर लेकर आए, तो उसे वही कोड बताना अनिवार्य है।
अगर कोड न मिले या डिलीट हो जाए, तो क्या करें?
कोड दोबारा मंगाएं: यदि आपके पास ओटीपी नहीं आया है, तो आप डिलीवरी बॉय से ही 'Resend DAC' का अनुरोध कर सकते हैं। उसके पास मौजूद ऐप में यह विकल्प होता है।
रजिस्टर्ड नंबर अपडेट: यदि आपका पुराना मोबाइल नंबर बंद हो गया है, तो तुरंत अपनी गैस एजेंसी जाकर उसे अपडेट कराएं। बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के बुकिंग और डिलीवरी में समस्या आ सकती है।
ऑनलाइन चेक करें: आप अपनी गैस कंपनी के ऐप या वेबसाइट (जैसे IndianOil One App या HP Pay App) में जाकर भी अपना बुकिंग स्टेटस देख सकते हैं और वहां से भी कोड प्राप्त कर सकते हैं।
सावधानियां:
कोड सिर्फ डिलीवरी के समय साझा करें: ओटीपी या डीएसी (DAC) कोड किसी को भी फोन पर न दें। इसे केवल तब साझा करें जब डिलीवरी बॉय आपके घर पर सिलिंडर लेकर सामने मौजूद हो।
सुरक्षा: यह व्यवस्था आपकी सुरक्षा और आपकी सब्सिडी को सही तरीके से मैनेज करने के लिए है। किसी भी अनजान व्यक्ति से अपना कोड शेयर न करें।
यह व्यवस्था पूरे देश में लागू है, जिसका उद्देश्य पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित करना है। इसलिए, अगली बार सिलिंडर बुक करते समय अपना रजिस्टर्ड मोबाइल चालू रखें ताकि समय पर ओटीपी मिल सके और आपकी डिलीवरी निर्बाध रहे।







