RRT News मुंगेली: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी की सूरत जल्द ही बदलने वाली है। शासन की योजना के अनुसार, लोरमी को प्रदेश के एक बड़े टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक विस्तृत मास्टरप्लान तैयार कर लिया गया है, जो इस क्षेत्र को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। मुंगेली कलेक्टर ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया है कि पर्यटन विकास की राह में आ रहे सभी भूमि विवादों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत सुलझाया जाए।
लोरमी क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। मास्टरप्लान के तहत यहां जल क्रीड़ा (Water Sports), एडवेंचर पार्क, और ईको-टूरिज्म स्पॉट विकसित करने की योजना है। कलेक्टर ने राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की बैठक लेकर स्पष्ट किया कि पर्यटन परियोजनाओं के लिए चिन्हांकित भूमि पर यदि कोई अतिक्रमण या कानूनी विवाद है, तो उसे आपसी सहमति या कानूनी प्रक्रिया से जल्द से जल्द खत्म करें ताकि निर्माण कार्य शुरू हो सके।
इस परियोजना के धरातल पर उतरने से लोरमी और आसपास के ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार के सैकड़ों नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन हब बनने से यहां होटल, रेस्टोरेंट और परिवहन व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि लोरमी को अचानकमार और चिल्फी घाटी के साथ जोड़कर एक बड़ा 'टूरिज्म सर्किट' बनाया जाए, जिससे बिलासपुर और कवर्धा आने वाले पर्यटक सीधे लोरमी की ओर आकर्षित हों।
कलेक्टर के कड़े रुख के बाद राजस्व अमला सक्रिय हो गया है और प्रस्तावित स्थलों का सीमांकन तेज कर दिया गया है। लोरमी की बदलती सूरत न केवल मुंगेली जिले के लिए गौरव की बात होगी, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के पर्यटन राजस्व में भी बड़ा योगदान देगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है, जिससे आने वाले समय में लोरमी एक शानदार पिकनिक और हॉलिडे डेस्टिनेशन के रूप में उभरकर सामने आएगा।








