RRT News- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लोन के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गैंग के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है, जो दूसरे लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन हड़प लेता था। इस मामले ने न केवल बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम लोगों में अपने दस्तावेजों को लेकर सतर्क रहने की चिंता भी बढ़ा दी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी का यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। ये लोग पहले उन लोगों की तलाश करते थे जिनकी सिबिल (CIBIL) स्कोर अच्छी होती थी। इसके बाद, उनके दस्तावेजों को चोरी या हेरफेर के जरिए हासिल कर फर्जी केवाईसी (KYC) तैयार करते थे। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वे बैंकों में आवेदन करते थे और लोन पास होने के बाद पूरी रकम लेकर फरार हो जाते थे, जबकि असली व्यक्ति को बाद में अपनी डिफ़ॉल्ट रिपोर्ट से पता चलता था कि उनके नाम पर बड़ा कर्ज लिया गया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक ने रिकवरी के लिए असली खाताधारकों से संपर्क करना शुरू किया, जिसके बाद कई पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर घेराबंदी की और मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह पिछले काफी समय से इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था और अब तक कई बैंकों को अपना निशाना बना चुका है।
फिलहाल पुलिस मास्टरमाइंड से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस घटना के बाद रायपुर पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने अपील की है कि अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड या बैंक विवरण को किसी भी अनजान व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट के साथ साझा न करें। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में बैंक के किसी कर्मचारी की मिलीभगत है या नहीं।







