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अगर नहीं कर सकते तो भारत छोड़ दो, सुप्रीम कोर्ट ने WhatsApp को चेतावनी दी

WhatsApp CCI fine 2026 : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने WhatsApp की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी की कड़ी आलोचना करते हुए Meta को चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि कंपनियां नागरिकों की प्राइवेसी के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकतीं और भारतीय यूज़र्स का फायदा उठाने की कोशिश नहीं कर सकतीं।

क्या सवाल उठाए गए?
मुख्य न्यायाधीश सूर्य की अध्यक्षता वाली बेंच ने सवाल किया कि क्या यह पॉलिसी गरीब, ग्रामीण और गैर-अंग्रेजी बोलने वाले यूज़र्स के लिए समझने योग्य है। कोर्ट ने अपारदर्शी सहमति (Opaque Consent) को डेटा के दुरुपयोग का रूप बताया।
मामला CCI जुर्माने से जुड़ा
यह विवाद Competition Commission of India (CCI) द्वारा WhatsApp पर लगाए गए ₹213 करोड़ जुर्माने से संबंधित है। CCI ने आरोप लगाया कि WhatsApp ने यूज़र्स को Meta प्लेटफॉर्म के साथ डेटा शेयरिंग स्वीकार करने के लिए मजबूर किया और अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग किया।
डेटा सुरक्षा पर चिंता
कोर्ट ने WhatsApp के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के दावे के बावजूद, यूज़र डेटा के कमर्शियल इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट ने पहले जुर्माना बरकरार रखा था, लेकिन डेटा शेयरिंग पर पांच साल का बैन हटा दिया।
मामला अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है, और देश में डेटा प्राइवेसी व डिजिटल अधिकारों के लिए यह एक अहम केस माना जा रहा है।







