छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित कुंवरपुर के जंगलों में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया है। नेशनल हाईवे-130 से सटे इस वन क्षेत्र में लगी आग ने देखते ही देखते 1 किलोमीटर के बड़े दायरे को अपनी चपेट में ले लिया है। आग की ऊंची लपटें हाईवे से ही साफ नजर आ रही हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इस आगजनी में बेशकीमती इमारती लकड़ियों के साथ-साथ छोटे पौधों और वन्यजीवों के आवास को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका है।
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग धीरे-धीरे घने जंगल की ओर बढ़ रही है। आरोप है कि पास में ही वन विभाग का दफ्तर होने के बावजूद आग पर काबू पाने के लिए समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। हर साल गर्मी के मौसम में महुआ बीनने के लिए ग्रामीणों द्वारा लगाई जाने वाली आग या असामाजिक तत्वों की हरकतें जंगलों को खाक कर रही हैं। कुंवरपुर का यह क्षेत्र हाथियों और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही के लिए जाना जाता है, ऐसे में आग से उनके जीवन पर भी संकट मंडरा रहा है।
वन विभाग की टीम अब स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने और इसे नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी है। हालांकि, तेज हवाओं और सूखे पत्तों के कारण आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि यदि जंगलों में आग लगने की इन घटनाओं पर लगाम नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र का पारिस्थितिकी संतुलन पूरी तरह बिगड़ सकता है। प्रशासन अब आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।








