RRT News Dantewada: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के दंतेवाड़ा जिले से इस वक्त की एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जिसने क्षेत्र के सियासी गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। जिले के कुआकोंडा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत फूलपाड़ में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक बड़ा और अप्रत्याशित संगठनात्मक झटका लगा है। क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की कथित प्रशासनिक और राजनीतिक उपेक्षा तथा स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधियों के उदासीन व्यवहार पर गहरा आक्रोश और गंभीर सवाल उठाते हुए गांव के 450 से अधिक सक्रिय ग्रामीणों ने एक साथ भाजपा का साथ छोड़ दिया और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का दामन थाम लिया।
ग्राम पंचायत फूलपाड़ में आयोजित एक विशाल राजनीतिक जनसभा और गरिमामय कार्यक्रम के दौरान इन सभी ग्रामीणों ने औपचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उपस्थित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने नवप्रवेशी ग्रामीणों का फूल-माला पहनाकर और कांग्रेस का तिरंगा गमछा उड़ाकर पार्टी में आत्मीय स्वागत किया। इतनी बड़ी संख्या में ग्रामीणों के एकमुश्त पाला बदलने से बस्तर वनांचल में भाजपा के जमीनी संगठन और जनाधार को एक बड़ा डैमेज (नुकसान) लगा है, जिसकी गूंज अब राजधानी रायपुर तक सुनाई देने लगी है।
कांग्रेस में शामिल हुए ग्रामीणों और स्थानीय प्रमुखों ने मंच से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे लंबे समय से भाजपा की रीति-नीति और स्थानीय नेतृत्व से जुड़े हुए थे, लेकिन जिला प्रशासन और सत्ताधारी दल के नेताओं द्वारा उनके क्षेत्र के बुनियादी विकास, जैसे पक्की सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही थी। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें सिर्फ उपेक्षा का शिकार होना पड़ा, तो उन्होंने सामूहिक रूप से यह कड़ा कदम उठाया। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बस्तर जैसे संवेदनशील आदिवासी क्षेत्र में एक ही पंचायत से 450 से अधिक लोगों का कांग्रेस में जाना आने वाले स्थानीय और नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा के समीकरणों को बिगाड़ सकता है।







