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बिलासपुर की कोटा नगर पंचायत को मिला 'नगर पालिका' का दर्जा; शासकीय अधिसूचना जारी

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री श्री अरुण साव ने बिलासपुर अंचल के नागरिकों से किया अपना एक और बड़ा और महत्वपूर्ण वादा पूरी निष्ठा के साथ निभा दिया है। उपमुख्यमंत्री की विशेष पहल और अनुशंसा के बाद बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक और प्रमुख नगरीय निकाय 'कोटा नगर पंचायत' को अब आधिकारिक तौर पर 'नगर पालिका परिषद' (Municipal Council) का उच्च स्तरीय दर्जा प्रदान कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में विधिवत शासकीय अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस बहुप्रतीक्षित मांग के पूरे होने और आदेश का राजपत्र (Gazette) में प्रकाशन होने के बाद से ही कोटा क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का माहौल निर्मित हो गया है।

उल्लेखनीय है कि विगत दिनों बिलासपुर जिले के अपने संगठनात्मक और प्रशासनिक दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कोटा क्षेत्र की जनता की मांग और स्थानीय भौगोलिक व जनसंख्या विस्तार को देखते हुए मंच से यह घोषणा की थी कि कोटा को जल्द ही नगर पालिका बनाया जाएगा। राज्य के कद्दावर नेता और क्षेत्र के विकास के प्रति संवेदनशील श्री साव ने राजधानी रायपुर लौटते ही कलेक्ट्रेट और मंत्रालय (महानदी भवन) के आला अधिकारियों को इस घोषणा पर त्वरित अमल करने के कड़े निर्देश दिए थे। प्रशासनिक प्रक्रियाओं और दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद, नगरीय प्रशासन विभाग ने बेहद कम समय में कोटा को नगर पालिका के रूप में अपग्रेड करने का ऐतिहासिक फैसला अमली जामा पहना दिया।
कोटा को नगर पंचायत से नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद अब इस पूरे क्षेत्र के सुनियोजित और ढांचागत विकास (Infrastructure Development) के द्वार पूरी तरह से खुल गए हैं। नगर पालिका बनने से अब इस नगरीय निकाय को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जैसे 'अमृत मिशन' और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सीधे तौर पर पहले की तुलना में कई गुना अधिक वित्तीय अनुदान और बजट प्राप्त हो सकेगा। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर सड़कों का जाल बिछाने, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम (नाली निर्माण), पेयजल की सुचारू आपूर्ति, भव्य कम्युनिटी हॉल और पार्कों के निर्माण जैसे बड़े विकास कार्यों को नई और तेज गति मिलेगी। प्रशासनिक रूप से भी अब यहां अमले और अधिकारियों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे नागरिक सुविधाएं और अधिक सुलभ हो सकेंगी।
इस बड़ी और ऐतिहासिक सौगात के मिलने के बाद कोटा नगर के प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और स्थानीय युवाओं ने आतिशबाजी कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया है। स्थानीय जनमानस का कहना है कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जो कहा, वह रिकॉर्ड समय में करके दिखा दिया, जिससे शासन और प्रशासन की विश्वसनीयता (Credibility) जनता के बीच और अधिक सुदृढ़ हुई है। कलेक्ट्रेट और जिला प्रशासन बिलासपुर ने भी शासन के इस नए आदेश के अनुरूप कोटा निकाय के नए सीमांकन, प्रशासनिक फेरबदल और आगामी बजट आवंटन के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कागजी और तकनीकी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं।







