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कोयलांचल में फूटा मजदूरों का गुस्सा: गेवरा माइंस में बंसल इंफ्राटेक के खिलाफ प्रदर्शन, ठप हुआ अरबों का निर्माण कार्य

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक, गेवरा परियोजना में बड़ा औद्योगिक विवाद सामने आया है। साइलो (SILO) और कोल हैंडलिंग प्लांट (CHP) के निर्माण कार्य में जुटी ठेका कंपनी बंसल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के लगभग 150 ठेका श्रमिकों का गुस्सा भड़क उठा है। लंबे समय से वेतन का भुगतान नहीं होने के विरोध में नाराज मजदूरों ने गुरुवार सुबह से काम बंद कर दिया और गेवरा के प्रमुख श्रमिक चौक पर एकत्रित होकर प्रबंधन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।

गेवरा माइंस का महत्वपूर्ण निर्माण कार्य प्रभावित
श्रमिकों की इस अचानक हड़ताल और चक्काजाम के कारण गेवरा प्रोजेक्ट के भीतर चल रहे बेहद संवेदनशील निर्माण कार्य पूरी तरह से रुक गए हैं।
क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट: SILO और CHP (कोल हैंडलिंग प्लांट) का निर्माण कोयले के त्वरित परिवहन और लोडिंग को आधुनिक बनाने के लिए किया जा रहा है। 150 कुशल और अकुशल श्रमिकों के एक साथ हड़ताल पर चले जाने से इस पूरी परियोजना की टाइमलाइन पर गहरा असर पड़ा है।
मौके पर मौजूद श्रमिक नेताओं का कहना है कि ठेका कंपनी बंसल इंफ्राटेक लगातार उनके जायज हक के पैसे को रोक कर बैठी है, जिससे मजदूरों के घरों में राशन और रोजमर्रा के खर्चों का संकट खड़ा हो गया है। श्रमिकों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनके रोके गए पूरे वेतन का भुगतान बैंक खातों में नहीं हो जाता, तब तक वे टूल-डाउन (काम बंद) रखेंगे और प्रदर्शन जारी रहेगा। फिलहाल एसईसीएल या ठेका कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से गतिरोध दूर करने की कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।







