कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सुरक्षा के दावों के बीच एक आदिवासी छात्रावास में छात्र की जान पर बन आई। बताया जा रहा है कि छात्रावास का रसोइया शराब के नशे में धुत था और किसी बात पर उसने अपना आपा खो दिया। हैवानियत की हदें पार करते हुए आरोपी रसोइये ने पास रखी कुल्हाड़ी (टंगिया) उठाई और कक्षा छठी में पढ़ने वाले एक मासूम छात्र पर जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी हमले के बाद छात्रावास परिसर में दहशत और चीख-पुकार मच गई।
हमले में छात्र के शरीर पर गहरे घाव आए हैं और वह मौके पर ही बेहोश हो गया। अन्य छात्रों और स्टाफ ने तुरंत घायल बच्चे को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम बच्चे की जान बचाने की जद्दोजहद में जुटी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम छात्रावास पहुंची और छानबीन शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नशेड़ी रसोइये को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि रसोइया अक्सर नशे में रहता था, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
इस घटना के बाद आदिवासी समाज और परिजनों में भारी आक्रोश है। उन्होंने छात्रावास प्रबंधन और अधीक्षक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर रसोइया नशे का आदी था, तो उसे इतने संवेदनशील स्थान पर काम पर क्यों रखा गया? जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। यह घटना एक बार फिर छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा ऑडिट और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करती है।








