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मुर्दे से भी ठगी! कोरबा में मौत के बाद भी नहीं 'शांति', शातिर जालसाजों ने मृत बुजुर्ग की FD से पार किए 7 लाख, बैंक की सुरक्षा पर उठे सवाल..

Chhattisgarh RRT News Desk 02 February 2026

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Raipur: छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर कोरबा में मानवता को शर्मसार करने वाली एक डिजिटल डकैती का खुलासा हुआ है। यहाँ शातिर ठगों ने एक ऐसे बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया, जिनकी मृत्यु कुछ समय पहले हो चुकी थी। ठगों ने मृतक बुजुर्ग की मेहनत की कमाई, जो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में बैंक में सुरक्षित थी, उस पर हाथ साफ कर दिया। 7.10 लाख रुपये के इस गबन ने न केवल परिवार को सदमे में डाल दिया है, बल्कि बैंकिंग प्रणाली की गोपनीयता और सुरक्षा दावों की भी धज्जियां उड़ा दी हैं।

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जांच में जो बात सामने आई है, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। ठगों ने सबसे पहले यह सुराग लगाया कि किस मृत खाताधारक के अकाउंट में मोटी रकम पड़ी है। इसके बाद, बैंक सिस्टम में सेंधमारी करते हुए मृतक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को बदलकर अपना नंबर अपडेट करवा दिया। जैसे ही मोबाइल नंबर बदला, खाते की चाबी ठगों के हाथ लग गई। उन्होंने बिना किसी देरी के बुजुर्ग की एफडी को ऑनलाइन माध्यम से प्री-मैच्योर (समय से पहले) क्लोज किया और पूरी रकम अलग-अलग किस्तों में पार कर दी।

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब मृतक के वारिस बैंक संबंधी कार्यों के लिए शाखा पहुंचे। खाते का स्टेटमेंट देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि बैंक के किसी अंदरूनी सूत्र की मदद के बिना मोबाइल नंबर बदलना और इतनी बड़ी राशि का ट्रांजैक्शन होना संभव नहीं है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी सघन जांच की जाए। कोरबा साइबर सेल अब उन बैंक लॉग्स और आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रही है, जहाँ से नंबर बदलने की रिक्वेस्ट डाली गई थी।

यह घटना बैंक ग्राहकों के लिए एक बड़ा 'अलर्ट' है। अक्सर लोग परिजनों की मृत्यु के बाद उनके बैंक खातों को लंबे समय तक 'इन-एक्टिव' छोड़ देते हैं, जिसका फायदा अब ठग उठाने लगे हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कोरबा एसपी ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। फिलहाल, पुलिस उन बैंक खातों को फ्रीज करने की कोशिश कर रही है जिनमें ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई थी।

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