छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने अब सख्त रुख अपना लिया है। हाल ही में किए गए औचक निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि जो शिक्षक अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह हैं या बिना सूचना के स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं, उन्हें सीधे निलंबित (Suspension) किया जाएगा। इस कड़ी चेतावनी के बाद जिले के शिक्षा विभाग और स्कूलों में हड़कंप मचा हुआ है।
कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों का दौरा करते हुए पाया कि कुछ स्थानों पर शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। निरीक्षण के दौरान बच्चों के सीखने के स्तर (Learning Level) में भी कमी पाई गई, जिस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के अंतर्गत उन शिक्षकों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है जो लंबे समय से ड्यूटी से गायब हैं। कलेक्टर ने आदेश दिया है कि सभी शिक्षकों को बायोमेट्रिक या रजिस्टर में समय पर उपस्थिति दर्ज करनी होगी। साथ ही, क्लास में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने और उनके शैक्षणिक सुधार के लिए नियमित टेस्ट लेने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले ताकि वे निजी स्कूलों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।
शिक्षकों के साथ-साथ कलेक्टर ने स्कूलों के बुनियादी ढांचे और मध्याह्न भोजन (Mid-day Meal) की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों को मिलने वाले भोजन में पौष्टिकता और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। यदि किसी भी स्कूल में भोजन की गुणवत्ता खराब पाई जाती है, तो उसके लिए सीधे तौर पर स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। कलेक्टर की इस सक्रियता से क्षेत्र के अभिभावकों में संतोष देखा जा रहा है।
प्रशासन की इस मुहिम का उद्देश्य जिले के दूरस्थ अंचलों में भी शिक्षा की अलख जगाना है। कलेक्टर ने सभी बीईओ (BEO) और क्लस्टर प्रभारियों को नियमित रूप से स्कूलों का दौरा करने और रिपोर्ट सौंपने को कहा है। लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को दी गई निलंबन की चेतावनी यह संदेश देती है कि अब कोरबा में शिक्षा व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आने वाले दिनों में जिले के अन्य ब्लॉकों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहने की संभावना है।








