छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक पटवारी द्वारा काम के बदले पैसे मांगने का मामला गरमा गया है। जानकारी के अनुसार, राजस्व रिकॉर्ड में नाम सुधारने और अन्य दस्तावेजी प्रक्रियाओं के नाम पर पटवारी द्वारा ग्रामीणों से अवैध वसूली की जा रही थी। इस लेनदेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
एसडीएम की त्वरित कार्रवाई: स्वतः संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव एसडीएम (SDM) ने तत्काल 'स्वतः संज्ञान' (Suo Moto) लिया। एसडीएम ने कहा कि शासकीय कार्यों के लिए ग्रामीणों से अवैध धन की मांग करना सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। प्रशासन ने आरोपी पटवारी की पहचान कर ली है और उन्हें कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि एक गरीब ग्रामीण अपने पुश्तैनी जमीन के रिकॉर्ड में सुधार के लिए काफी समय से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि संबंधित पटवारी ने काम करने के बदले मोटी रकम की मांग की। परेशान ग्रामीण ने इस पूरी घटना का प्रमाण जुटाया, जिसके बाद यह मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा।
निलंबन की लटकी तलवार
एसडीएम कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, यदि पटवारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जा सकता है। साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Enquiry) भी शुरू की जाएगी। कलेक्टर ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्व विभाग में किसी भी प्रकार की कोताही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आम जनता से अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी शासकीय कार्य के लिए बिचौलियों या भ्रष्ट अधिकारियों को पैसे न दें। यदि कोई अधिकारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत सीधे एसडीएम कार्यालय या एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में करें।

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