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गर्मी का सितम: कोयलीबेड़ा में 45 डिग्री तापमान से उबला तालाब, कई क्विंटल मछलियों की मौत से ग्रामीणों में हड़कंप

Chhattisgarh 20 May 2026 (35)

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RRT News- कोयलीबेड़ा क्षेत्र में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी अब जनजीवन के साथ-साथ पर्यावरण और जलजीवों के लिए भी गंभीर संकट बन गई है। मंगलवार को इलाके का तापमान रिकॉर्ड 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे पूरा क्षेत्र तपती भट्टी में तब्दील हो गया है। आसमान से बरसती आग, झुलसाने वाली गर्म हवाओं (लू) और भारी उमस ने लोगों का घरों से बाहर निकलना पूरी तरह मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग इस जानलेवा गर्मी से बचने के उपाय ढूंढ रहे हैं।

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तालाब का पानी उबला, कई क्विंटल मछलियों की मौत

इस भीषण और रिकॉर्डतोड़ गर्मी का सबसे भयावह और दर्दनाक असर अब स्थानीय जलस्रोतों में दिखाई दे रहा है। अत्यधिक तापमान के कारण क्षेत्र के एक प्रमुख तालाब का पानी खौल उठा, जिससे पानी में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इसके परिणामस्वरूप तालाब में मौजूद कई क्विंटल मछलियों की तड़पकर मौत हो गई। सुबह जब ग्रामीणों ने तालाब की सतह पर हजारों मृत मछलियों को तैरते देखा, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। इस घटना से स्थानीय मछुआरों और पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण पर बड़ा खतरा

जलजीवों की इस सामूहिक मौत ने स्थानीय पर्यावरणविदों और ग्रामीणों को गहरी चिंता में डाल दिया है। तेज धूप के कारण जलस्तर लगातार घट रहा है, जिससे तालाबों का पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) पूरी तरह बिगड़ चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट नहीं आई या बारिश नहीं हुई, तो इलाके के अन्य जलाशय भी सूख जाएंगे, जिससे मवेशियों के लिए पीने के पानी का संकट और गहरा जाएगा। प्रशासन से अब इन जलस्रोतों को बचाने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की जा रही है।

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