ओडिशा के कोरापुट के पास महत्वपूर्ण केके (कोत्तावलसा-किरंदुल) रेल लाइन पर एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने के कारण रेल परिचालन कुछ घंटों के लिए ठप्प हो गया। यह घटना उस समय हुई जब मालगाड़ी अपनी निर्धारित दिशा में जा रही थी और अचानक उसके दो वैगन पटरी से नीचे उतर गए। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन मार्ग बाधित होने से इस रूट की अन्य ट्रेनों के आवागमन पर असर पड़ा।
हादसे की जानकारी मिलते ही विशाखापत्तनम और कोरापुट से रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुँच गई। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया ताकि इस व्यस्त मार्ग को जल्द से जल्द चालू किया जा सके। मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने के कारणों की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है, हालांकि अभी तक किसी तकनीकी खराबी या मानवीय चूक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रेलवे प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 'युद्धस्तर' पर बहाली कार्य चलाया। रात के अंधेरे और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, हाइड्रोलिक क्रेन और आधुनिक मशीनों की मदद से पटरी से उतरे डिब्बों को हटाया गया। ट्रैक की मरम्मत का काम देर रात तक पूरा कर लिया गया, जिसके बाद रेल सुरक्षा विभाग ने लाइन को फिर से यातायात के लिए सुरक्षित घोषित कर दिया।
केके रेललाइन मुख्य रूप से लौह अयस्क और अन्य माल ढुलाई के लिए जानी जाती है, जो आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इस मार्ग पर रेल यातायात बाधित होने से मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री ट्रेनों के समय पर भी प्रभाव पड़ा। रेलवे ने इस दौरान कुछ ट्रेनों को नियंत्रित किया और यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद प्रकट किया।
फिलहाल, केके रेललाइन पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से सामान्य हो गया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और इंजीनियरिंग विभाग भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पटरियों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और जल्द ही इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी।








