जम्मू/किश्तवाड़: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। सूचना के मुताबिक, चतरू इलाके के घने जंगलों में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के तीन खूंखार आतंकवादियों को सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया है। इस ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की ओर से की गई शुरुआती गोलीबारी में सेना के 5 जवान घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर हेलीकॉप्टर के जरिए सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में आतंकियों का एक गुट घुसपैठ कर छिपा हुआ है। इसके बाद भारतीय सेना की 'राष्ट्रीय राइफल्स' और पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) ने एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही सुरक्षाबल संदिग्ध ठिकाने के करीब पहुंचे, झाड़ियों में छिपे आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसी जवाबी कार्रवाई के साथ ही मुठभेड़ शुरू हुई, जो अब तक जारी है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, घेरे गए आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के उस 'अल्ट्रा-रेडिकल' ग्रुप का हिस्सा हैं, जो हाल के महीनों में जम्मू संभाग के पहाड़ी जिलों में सक्रिय हुआ है। इन आतंकियों के पास आधुनिक हथियार, नाइट विजन उपकरण और एम-4 कार्बाइन जैसे घातक असलहे होने की आशंका है। इलाके की भौगोलिक स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है; घना जंगल और खड़ी पहाड़ियां ऑपरेशन में बाधा बन रही हैं, लेकिन सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी मजबूत कर दी है ताकि आतंकी भाग न सकें।
अतिरिक्त सैन्य कुमुक को मौके पर भेजा गया है और पूरे किश्तवाड़-डोडा बेल्ट में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। ड्रोन और हेलिकॉप्टर के जरिए आतंकियों की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। यह मुठभेड़ उस समय हो रही है जब घाटी में सुरक्षा एजेंसियां कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बीच घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के लिए पहले से ही मुस्तैद हैं।
किश्तवाड़ का यह इलाका ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय में यहां आतंकियों की हलचल बढ़ने से सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। स्थानीय निवासियों को मुठभेड़ स्थल से दूर रहने की सलाह दी गई है और इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी पाबंदी लगाई गई है। सेना का लक्ष्य इन आतंकियों का सफाया कर इलाके को पूरी तरह सुरक्षित करना है।








