RRT News Bemetara: छत्तीसगढ़ में किसानों के मुद्दों और स्थानीय समस्याओं को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में आज बेमेतरा जिला किसान कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का जोरदार घेराव किया। अपनी विभिन्न स्थानीय और कृषि संबंधी मांगों को लेकर कांग्रेसियों ने शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली निकाली। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ और किसान हितों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे कलेक्ट्रेट परिसर का सियासी तापमान बढ़ गया।
कलेक्ट्रेट मुख्य द्वार पर सुरक्षा के लिहाज से तैनात पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और हल्की झूमाझटकी भी देखने को मिली, जिसके बाद कांग्रेसी वहीं धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जिले का किसान आज खाद-बीज की किल्लत, बिजली की अघोषित कटौती, सिंचाई के पानी की कमी और समय पर फसल मुआवजा व बीमा राशि न मिलने के कारण अत्यंत परेशान और बदहाल है। वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था किसानों की बुनियादी तकलीफों को दूर करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है, जिससे ग्रामीण अंचलों में भारी असंतोष पनप रहा है।
घंटों चले इस उग्र प्रदर्शन और घेराव के बाद, जिला किसान कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम एक 9 सूत्रीय विस्तृत मांगपत्र (ज्ञापन) जिला कलेक्टर को सौंपा। इस मांगपत्र में मुख्य रूप से किसानों के पुराने लंबित बोनस का भुगतान, कृषि ऋणों से जुड़ी विसंगतियों को दूर करना, आगामी खरीफ सीजन के लिए समितियों में पर्याप्त खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना और बेमेतरा जिले को सूखा राहत व फसल क्षतिपूर्ति का उचित मुआवजा देना शामिल है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन 9 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक और ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में जिले भर के किसानों को लामबंद कर चक्काजाम और जेल भरो जैसा उग्र आंदोलन किया जाएगा।







