Breaking
- Ola Electric Notice in Chhattisgarh: ओला इलेक्ट्रिक के 3,000 वाहनों का पंजीयन...
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर में नुआखाई महोत्सव के 'सेवा सम्मान पर्व' ...
- आपसी विवाद में खूनी संघर्ष, चाकूबाजी में एक युवक की मौत और दूसरा घायल, आरोपी ...
- Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में लुढ़का पारा, अंबिकापुर में न्यूनतम...
- छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को मिलने जा रहा बड़ा तोहफा, अब बढ़कर 30,870 रुपये हो...
- उद्घाटन से पहले ही रायपुर-विशाखापत्तनम भारतमाला हाईवे में पड़ी दरारें, गुणवत्...
- Mata Hasi Devi 200th Jayanti: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर में जारी कि...
- दीपावली से पहले मिठाइयों की दुकानों पर खाद्य विभाग का छापा, फ्रीजर बंद मिलने ...
- Courtesy Meeting: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री वि...
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
दर्दनाक हादसा: नदी में नहाने पहुंचे 50 हाथियों के दल के सामने बड़ा हादसा, पानी में डूबने से हाथी शावक की मौत

रायगढ़/खरसिया। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर देने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के खरसिया वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुरदा के पास मांड नदी में पानी में डूबने से एक नवजात हाथी शावक (बेबी एलिफेंट) की दर्दनाक मौत हो गई। भीषण गर्मी से राहत पाने और अपनी प्यास बुझाकर नहाने के लिए लगभग 50 हाथियों का एक विशाल दल नदी पर पहुंचा था, जहां गहरे पानी में समा जाने के कारण यह हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की पूरी टीम और वन्यजीव विशेषज्ञ तुरंत मौके पर पहुंचे और मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।

प्रत्यक्षदर्शियों और वन अमले से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में सक्रिय हाथियों का यह बड़ा कुनबा दोपहर के वक्त मांड नदी में उतरा था। सभी हाथी पानी में नहाने और अठखेलियां करने में मशगूल थे, इसी दौरान दल के साथ चल रहा छोटा शावक गहरे पानी की चपेट में आ गया। छोटा होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और पानी में डूब गया। अपने ही दल के एक नन्हे सदस्य की इस तरह अचानक हुई मौत से हाथियों के पूरे कुनबे में भारी हलचल, बेचैनी और चीख-पुकार देखी गई। काफी देर तक हाथियों का दल मृत शावक के शव के आसपास ही मंडराता रहा और आक्रामक मुद्रा में नजर आया, जिससे मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और वन कर्मियों को करीब जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के दल के थोड़ा दूर हटने के बाद सुरक्षित तरीके से शावक के शव को पानी से बाहर निकाला गया। डॉक्टरों की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद ही मौत के सटीक कारणों और शावक की उम्र का पता चल सकेगा। फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर पूरे खरसिया वन परिक्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है और वन रक्षक लगातार हाथियों के इस विशाल दल के मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि बच्चे की मौत के बाद से दल के हाथी काफी आक्रोशित और संवेदनशील बने हुए हैं।







