रायगढ़/खरसिया। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर देने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के खरसिया वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुरदा के पास मांड नदी में पानी में डूबने से एक नवजात हाथी शावक (बेबी एलिफेंट) की दर्दनाक मौत हो गई। भीषण गर्मी से राहत पाने और अपनी प्यास बुझाकर नहाने के लिए लगभग 50 हाथियों का एक विशाल दल नदी पर पहुंचा था, जहां गहरे पानी में समा जाने के कारण यह हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की पूरी टीम और वन्यजीव विशेषज्ञ तुरंत मौके पर पहुंचे और मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों और वन अमले से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में सक्रिय हाथियों का यह बड़ा कुनबा दोपहर के वक्त मांड नदी में उतरा था। सभी हाथी पानी में नहाने और अठखेलियां करने में मशगूल थे, इसी दौरान दल के साथ चल रहा छोटा शावक गहरे पानी की चपेट में आ गया। छोटा होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और पानी में डूब गया। अपने ही दल के एक नन्हे सदस्य की इस तरह अचानक हुई मौत से हाथियों के पूरे कुनबे में भारी हलचल, बेचैनी और चीख-पुकार देखी गई। काफी देर तक हाथियों का दल मृत शावक के शव के आसपास ही मंडराता रहा और आक्रामक मुद्रा में नजर आया, जिससे मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और वन कर्मियों को करीब जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के दल के थोड़ा दूर हटने के बाद सुरक्षित तरीके से शावक के शव को पानी से बाहर निकाला गया। डॉक्टरों की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद ही मौत के सटीक कारणों और शावक की उम्र का पता चल सकेगा। फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर पूरे खरसिया वन परिक्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है और वन रक्षक लगातार हाथियों के इस विशाल दल के मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि बच्चे की मौत के बाद से दल के हाथी काफी आक्रोशित और संवेदनशील बने हुए हैं।







