RRT News- आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने के फैसले ने राजनीति के गलियारों में भूचाल ला दिया है। लेकिन इस सियासी उठापटक के बीच उन्हें सोशल मीडिया पर तगड़ा झटका लगा है। भाजपा ज्वाइन करने के महज 24 घंटे के भीतर उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके अकाउंट से लगभग 10 लाख फॉलोअर्स ने अनफॉलो कर दिया है, जिसे 'Gen-Z' और युवाओं की ओर से एक बड़े विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
राघव चड्ढा, जो अपनी सक्रिय सोशल मीडिया उपस्थिति और युवाओं के बीच अपनी 'कूल' इमेज के लिए जाने जाते थे, अब इस 'अनफॉलो ट्रेंड' से काफी प्रभावित हुए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी विचारधारा में आए इस बदलाव से उनके युवा समर्थकों को गहरा धक्का लगा है, जो उन्हें एक अलग पहचान और विजन के साथ देख रहे थे। अचानक आए इस बड़े बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या यह महज एक तात्कालिक प्रतिक्रिया है या फिर यह उनके डिजिटल इन्फ्लुएंसर वाली छवि पर स्थायी असर डालेगी।
राघव चड्ढा के साथ ही कई अन्य AAP सांसदों ने भी बीजेपी का दामन थामा है, जिसे पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, राघव चड्ढा की सोशल मीडिया फॉलोइंग का गिरना इस बात का संकेत है कि डिजिटल युग में राजनीति केवल मंचों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जन-भावनाओं और डिजिटल कनेक्ट से जुड़ी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी नेता का प्रभाव उनकी राजनीतिक निष्ठाओं और फैसलों से सीधे जुड़ा होता है।







