RRT News Pendra: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में पिछले महीने हुए बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी हत्याकांड और सनसनीखेज लूट कांड का पुलिस ने महज 14 दिनों के भीतर पूरी तरह से राजफाश कर दिया है। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) रामगोपाल गर्ग के कुशल मार्गदर्शन और जिला पुलिस अधीक्षकों की सघन निगरानी में काम कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने तकनीकी खुफिया तंत्र (TechINT) और मानवीय सूचना (HumINT) के सटीक व बेहतरीन समन्वय से इस अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस खूनी वारदात में शामिल बिहार और झारखंड तक फैले अंतरराज्यीय शूटरों और स्थानीय मददगारों सहित कुल सात शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे डकैती और हत्याकांड की पटकथा बेहद योजनाबद्ध तरीके से लिखी गई थी। स्थानीय आरोपियों ने कोटमीकला बाजार के सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी के आने-जाने के समय और उनके पास मौजूद रहने वाले सोने-चांदी के जेवरातों की पूरी रेकी की थी। इसके बाद मोटी रकम का लालच देकर बिहार और झारखंड के पेशेवर और भाड़े के शूटरों को छत्तीसगढ़ बुलाया गया था। घटना वाले दिन जैसे ही व्यवसायी बाजार से अपनी दुकान समेट कर निकल रहे थे, घात लगाए बैठे नकाबपोश शूटरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी और आरोपी जेवरातों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे।
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे प्रदेश के व्यापारी वर्ग और स्थानीय जनता में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल व्याप्त हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों में लगातार छापेमारी की। कड़ियों से कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आखिरकार मुख्य साजिशकर्ता और शूटरों तक पहुंच गई। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार (कट्टा और कारतूस), मोटरसाइकिलें और लूटे गए आभूषणों का एक बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि अन्य मामलों में भी उनकी संलिप्तता का पता लगाया जा सके।







