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Jashpur News: एस्ट्रोनाट ट्रेनिंग इनीशिएटिव में 9,533 परीक्षार्थी हुए शामिल, जिले में अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर दिखा जबरदस्त उत्साह

EDUCATION 14 October 2026 (6)

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जशपुर नगर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति स्कूली छात्रों की रुचि और जिज्ञासा को बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अनूठे नवाचार 'अंतरिक्ष संगवारी' के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण परीक्षा का आयोजन किया गया। जिले में 'एस्ट्रोनाट ट्रेनिंग इनीशिएटिव' परीक्षा का सफल आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विज्ञान के प्रति अपने उत्साह का परिचय दिया।

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जिला शिक्षा विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस विशेष परीक्षा के लिए पूरे जिलेभर से कुल 10,336 परीक्षचार्थियों ने अपना ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीयन कराया था। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जिले में कुल 192 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहाँ कोविड और अन्य सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न कराई गई।

निर्धारित समयानुसार आयोजित इस परीक्षा में पंजीकृत कुल छात्रों में से 9,533 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और उन्होंने पूरी गंभीरता के साथ इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी 192 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुई है।

आपको बता दें कि 'एस्ट्रोनाट ट्रेनिंग इनीशिएटिव' कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन और देश के प्रतिष्ठित अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी अंचल के बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है।

इस पूरी चयन प्रक्रिया के अगले चरणों के बारे में बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि इस प्रारंभिक परीक्षा के बाद अब जिला प्रतिभा खोज, मिनी प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने, साक्षात्कार और विशेष अंतरिक्ष विज्ञान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाना तय किया गया है। इन चरणों को पार करने वाले मेधावी छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी बारीकियों को सीखने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

प्रशासन के इस अनूठे प्रयास से जशपुर जिले के युवाओं में अंतरिक्ष और विज्ञान के क्षेत्र को लेकर एक नया जोश देखने को मिल रहा है। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल बच्चों की बौद्धिक क्षमता का विकास होता है, बल्कि उन्हें भविष्य में देश के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रमों से जुड़ने की प्रेरणा भी मिलती है।

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