छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले में 20 लाख रुपये से अधिक की बड़ी लूट और अपहरण की वारदात को सुलझाने में पुलिस ने सफलता हासिल की है। साइबर टीम और चाम्पा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने न केवल लाखों की रकम लूटी, बल्कि वारदात को छुपाने के लिए पीड़ित को मौत के मुंह में धकेलने की भी कोशिश की थी।
मिर्च झोंककर अपहरण, फिर मैनपाट की खाई में फेंका
वारदात 9 जनवरी 2026 की है, जब अरविंद इंडस्ट्रीज के सुपरवाइजर हरीश देवांगन सक्ती से 20 लाख 18 हजार 700 रुपये लेकर चाम्पा लौट रहे थे। ग्राम कोसमंदा के पास आरोपियों ने हरीश की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और उन्हें जबरन कार में बैठाकर मैनपाट ले गए। वहां सेल्फी पॉइंट के पास आरोपियों ने हरीश को गहरी खाई में धक्का दे दिया। गनीमत रही कि हरीश पूरी रात खाई में फंसे रहने के बाद अगली सुबह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे और पुलिस को सूचना दी।
CCTV और तकनीकी जांच से पकड़ाए आरोपी
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर पुलिस ने करीब 300 से ज्यादा सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई काली रंग की वेन्यू कार की पहचान हुई, जिसका मालिक अमीर मिरी निकला। कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि योगेश रात्रे, जमुना सेवायक और महेश्वर दिवाकर ने मिलकर करीब दो महीने पहले ही इस बड़ी लूट की योजना बना ली थी। पुलिस ने इनके पास से 13 लाख 75 हजार रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त हथियार जब्त किए हैं।
एक आरोपी अब भी फरार, पुलिस की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम के अलावा एक वेन्यू कार, चाकू, बेसबॉल स्टिक और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन एक सहयोगी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की विशेष टीमें फरार आरोपी की तलाश में जुटी हैं। इस सफल कार्रवाई के बाद क्षेत्र के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है और पुलिस टीम की तत्परता की सराहना की जा रही है।








