जगदलपुर: बस्तर की कुलदेवी और प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां दंतेश्वरी मंदिर में बीती रात अज्ञात चोरों ने सेंधमारी कर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी चोट पहुँचाई है। शातिर चोरों ने मंदिर के सुरक्षा घेरे को भेदते हुए गर्भगृह के पास से माता के प्राचीन सोने और चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। शनिवार सुबह जब पुजारी मंदिर पहुँचे, तब इस बड़ी चोरी का खुलासा हुआ। सुरक्षा कारणों और जांच के चलते फिलहाल मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वारदात का तरीका: CCTV और गार्ड्स को दिया चकमा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोरों ने मंदिर के पीछे के हिस्से या किसी छिपे हुए रास्ते का उपयोग किया।
निशाना: चोरों ने माता के मुकुट, छत्र और अन्य कीमती गहने चोरी किए हैं।
सुरक्षा में चूक: मंदिर परिसर में पुलिस बल और निजी गार्ड्स की तैनाती के बावजूद चोर वारदात को अंजाम देकर फरार होने में सफल रहे।
जांच: पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या चोरों ने CCTV कैमरों के साथ छेड़छाड़ की थी या वे किसी ब्लाइंड स्पॉट से अंदर दाखिल हुए।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ मंदिर परिसर
घटना की सूचना मिलते ही बस्तर आईजी, एसपी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुँच गई है।
डॉग स्क्वॉड: डॉग स्क्वॉड की मदद से चोरों के भागने के रास्तों की पहचान की जा रही है।
नाकाबंदी: शहर के सभी एग्जिट पॉइंट्स और जिले की सीमाओं पर कड़ी नाकाबंदी कर दी गई है।
फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट: मंदिर के गर्भगृह और दरवाजों से फिंगरप्रिंट्स एकत्र किए गए हैं।
श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश
जैसे ही चोरी की खबर फैली, मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि इतने संवेदनशील और महत्वपूर्ण मंदिर की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। जिला प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और मंदिर के द्वारों पर नोटिस चस्पा कर दिया है कि जांच पूरी होने तक दर्शन वर्जित रहेंगे।
बस्तर की आस्था का प्रतीक है यह मंदिर
मां दंतेश्वरी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बस्तर के इतिहास और संस्कृति का केंद्र है। यहाँ के आभूषण रियासत कालीन और अमूल्य हैं। बस्तर दशहरा से लेकर चैत्र नवरात्रि तक, हर बड़े आयोजन की शुरुआत यहीं से होती है। ऐसे में यह चोरी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।








