जबलपुर। आगामी बोर्ड परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नकल के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नकल करते पाए जाने पर परीक्षार्थी का परिणाम तत्काल रद्द किया जा सकता है।
परीक्षा संचालन से जुड़े सभी केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे परीक्षा कक्ष में सतत निगरानी रखें। यदि किसी छात्र के पास नकल सामग्री मिलती है, उत्तर पुस्तिका से छेड़छाड़ होती है या अनुचित साधनों का उपयोग किया जाता है, तो संबंधित विषय ही नहीं बल्कि पूरी परीक्षा निरस्त की जा सकती है।
सामूहिक नकल पर पूरे केंद्र पर कार्रवाई
प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि यदि किसी परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल की पुष्टि होती है, तो उस केंद्र के सभी परीक्षार्थियों के परिणाम रद्द किए जा सकते हैं। साथ ही, दोषी पाए जाने वाले केंद्राध्यक्ष और स्टाफ को भविष्य में परीक्षा ड्यूटी से वंचित किया जाएगा।
एक जैसी उत्तर पुस्तिकाएं भी संदेह के घेरे में
परीक्षा मूल्यांकन के दौरान यदि कई उत्तर पुस्तिकाओं में उत्तरों की भाषा, शब्द चयन और प्रस्तुति असामान्य रूप से समान पाई जाती है, तो इसे नकल की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसे मामलों में विशेष जांच के बाद कठोर निर्णय लिया जाएगा।
नकलमुक्त परीक्षा कराना प्रशासन की प्राथमिकता
शिक्षा विभाग का कहना है कि इन निर्देशों का उद्देश्य छात्रों में ईमानदारी की भावना को बढ़ावा देना और योग्य विद्यार्थियों के साथ न्याय करना है। प्रशासन ने अभिभावकों और छात्रों से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और नकल जैसी गतिविधियों से दूर रहें।








