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जबलपुर हाईकोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण का मामला, अगली सुनवाई 13 जनवरी को

जबलपुर। मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के पदोन्नति में आरक्षण को लेकर चल रहे बहुचर्चित मामले की सुनवाई मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई। इस दौरान कर्मचारी संगठन अजाक्स की ओर से अपना पक्ष विस्तार से रखा गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली तारीख 13 जनवरी तय की है।

सुनवाई के दौरान अजाक्स के अधिवक्ताओं ने सरकार द्वारा बनाए गए पदोन्नति नियमों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मौजूदा नियम संविधान के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों के अनुरूप नहीं हैं। संगठन ने तर्क दिया कि प्रमोशन की प्रक्रिया में मेरिट, वरिष्ठता और संवैधानिक संतुलन को नजरअंदाज किया गया है।
अजाक्स की ओर से यह भी कहा गया कि आरक्षण के नाम पर सभी विभागों में एक जैसी व्यवस्था लागू करना व्यावहारिक नहीं है। इससे कई विभागों में असमानता और असंतोष की स्थिति बन रही है। वहीं, कोर्ट ने सभी दलीलों को सुनते हुए राज्य सरकार से भी विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के संकेत दिए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला लाखों कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी पक्षों को पूरा अवसर दिया जाएगा। अगली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से जवाब और अन्य पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।
इस केस पर आने वाला फैसला मध्य प्रदेश की सरकारी सेवा और पदोन्नति नीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। कर्मचारी वर्ग की नजरें अब 13 जनवरी की सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जिससे इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद की दिशा तय हो सकती है।







