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ट्रंप की हत्या की 'ईरानी साजिश' का खुलासा: पाकिस्तानी नागरिक ने कोर्ट में कबूला- "मेरे परिवार को दी गई थी धमकी"

न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने के आरोप में पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट ने अदालत में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ब्रुकलिन की संघीय अदालत में चल रहे ट्रायल के दौरान मर्चेंट ने गवाही दी कि ईरानी खुफिया गुर्गों ने उसे ट्रंप सहित कई बड़े अमेरिकी राजनेताओं की हत्या के लिए मजबूर किया था। मर्चेंट के अनुसार, उसे धमकी दी गई थी कि अगर उसने यह काम नहीं किया, तो ईरान में रह रहे उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा।

क्या थी हत्या की पूरी प्लानिंग?
अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, आसिफ मर्चेंट अप्रैल 2024 में पाकिस्तान से अमेरिका पहुँचा था। उसने हत्यारों (हिटमैन) की तलाश शुरू की, लेकिन जिन लोगों को वह सुपारी देने की कोशिश कर रहा था, वे असल में FBI के अंडरकवर एजेंट्स थे। मर्चेंट ने एक होटल के नैपकिन पर वस्तुओं का इस्तेमाल कर पूरा 'किलिंग प्लान' समझाया था, जिसमें रैली के दौरान हत्या और उसके बाद ध्यान भटकाने के लिए विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की योजना शामिल थी। उसने इसके लिए $5,000 (लगभग 4.2 लाख रुपये) का एडवांस भुगतान भी किया था।
ईरान का हाथ और बदले की भावना
अमेरिकी न्याय विभाग का दावा है कि यह साजिश ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के इशारे पर रची गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना था। मर्चेंट ने कोर्ट में बताया कि उसके लैपटॉप में ट्रंप, जो बाइडेन और निक्की हेली जैसी हस्तियों की तस्वीरें और रैलियों के लोकेशन की जानकारी मिली थी। हालांकि, मर्चेंट ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह डर के मारे यह सब कर रहा था और उसे उम्मीद थी कि काम पूरा होने से पहले ही वह पकड़ा जाएगा।







