अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के खास मौके पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बेहद प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला। यहाँ अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली महिलाओं ने पारंपरिक आयोजनों से हटकर क्रिकेट के मैदान पर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रायपुर के खेल मैदान में आयोजित इस टूर्नामेंट में वकील, डॉक्टर, हॉस्पिटल स्टाफ और विभिन्न संस्थानों में कार्यरत महिलाओं ने हिस्सा लिया। हाथों में फाइलें और स्टेथोस्कोप थामने वाली इन महिलाओं ने जब बल्ला और गेंद संभाली, तो उनकी ऊर्जा देखने लायक थी।
मैदान पर उतरीं महिला खिलाड़ियों ने पेशेवर क्रिकेटरों की तरह चौके-छक्के जड़कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस क्रिकेट मैच का उद्देश्य न केवल मनोरंजन था, बल्कि यह संदेश देना भी था कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, चाहे वह कोर्ट रूम हो, ऑपरेशन थिएटर हो या फिर खेल का मैदान। अस्पताल और कानूनी क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपनी दैनिक भागदौड़ भरी जिंदगी से समय निकालकर इस खेल का आनंद लिया। खिलाड़ियों ने बताया कि खेल उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने और टीम वर्क सीखने में मदद करता है।
रायपुर में हुए इस आयोजन की हर तरफ सराहना हो रही है। खेल के अंत में विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया, जहाँ जीत से ज्यादा जश्न महिला शक्ति और उनकी एकजुटता का मनाया गया। महिला दिवस के इस उत्सव ने यह साबित कर दिया कि जब अवसर मिलता है, तो महिलाएं हर पिच पर अपनी जीत का परचम लहरा सकती हैं। इस आयोजन ने शहर की अन्य महिलाओं को भी अपने स्वास्थ्य और शौक के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया है।








