Breaking
- आपसी विवाद में खूनी संघर्ष, चाकूबाजी में एक युवक की मौत और दूसरा घायल, आरोपी ...
- Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में लुढ़का पारा, अंबिकापुर में न्यूनतम...
- छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को मिलने जा रहा बड़ा तोहफा, अब बढ़कर 30,870 रुपये हो...
- उद्घाटन से पहले ही रायपुर-विशाखापत्तनम भारतमाला हाईवे में पड़ी दरारें, गुणवत्...
- Mata Hasi Devi 200th Jayanti: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर में जारी कि...
- दीपावली से पहले मिठाइयों की दुकानों पर खाद्य विभाग का छापा, फ्रीजर बंद मिलने ...
- Courtesy Meeting: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री वि...
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
- Dussehra Celebration : बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए...
- Police Commemoration Day : छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए वीर जवानों क...
Railway News: आकाशीय बिजली से नहीं थमेगी ट्रेनों की रफ्तार, डिस्कनेक्टर असेंबली और थर्मोविजन तकनीक से ओएचई लाइन रहेगी सुरक्षित

रायपुर: मानसून के मौसम में आकाशीय बिजली (गाज) गिरने के कारण रेलवे की ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) लाइन ट्रिप होने और ट्रेनों के जहां-तहां थम जाने की समस्या से अब जल्द ही निजात मिलने वाली है। भारतीय रेलवे इस गंभीर समस्या का एक स्थाई और आधुनिक समाधान खोजने जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने अब सभी रेलवे जोन में अत्याधुनिक 'डिस्कनेक्टर असेंबली' प्रणाली से लैस नए लाइटनिंग अरेस्टर लगाने का फैसला किया है, जो ओएचई लाइन को सुरक्षा कवच प्रदान करेंगे।

इस नई तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जब भी किसी ओएचई लाइन पर आकाशीय बिजली गिरेगी, तो यह आधुनिक सिस्टम पलक झपकते ही खराब या प्रभावित हुए लाइटनिंग अरेस्टर उपकरण को मुख्य बिजली लाइन से पूरी तरह अलग (डिस्कनेक्ट) कर देगा। इससे पूरी ओएचई लाइन में पावर सप्लाई बाधित नहीं होगी और ट्रेनों का परिचालन बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से जारी रहेगा। इसके साथ ही, रेलवे 'थर्मोविजन' तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहा है, जिससे ओएचई लाइनों में आने वाली तकनीकी कमियों को पहले ही भांप लिया जाएगा।
रायपुर रेल मंडल सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इस तकनीक के लागू होने से यात्रियों को मानसून के दौरान होने वाली देरी से बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे के इस कदम से न केवल ट्रेनों की रफ्तार और समयबद्धता में सुधार होगा, बल्कि करोड़ों रुपये के रेलवे उपकरणों को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा। रेलवे का यह डिजिटल और तकनीकी अपग्रेडेशन भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।







