Breaking
- दीपावली से पहले मिठाइयों की दुकानों पर खाद्य विभाग का छापा, फ्रीजर बंद मिलने ...
- Courtesy Meeting: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री वि...
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
- Dussehra Celebration : बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए...
- Police Commemoration Day : छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए वीर जवानों क...
- Urban Challenge Fund Conclave: छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित विकास को मिलेग...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- SECL के रिटायर्ड कर्मी का मोबाइल हैक कर 1.39 लाख की ठगी, क्रेडिट कार्ड से फ्ल...
- मायके से नहीं लौटी पत्नी तो फोन पर बोला- 'मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं', और ...
Indian Dishes That Taste Better The Next Day, बासी होने पर और ज्यादा टेस्टी हो जाती हैं ये 5 भारतीय डिशेज, अगली सुबह मिलता है दोगुना स्वाद

RRT News- आमतौर पर सेहत और स्वाद के लिहाज से हमेशा ताजा खाना खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन भारतीय रसोई में कुछ ऐसे व्यंजन भी बनते हैं जिनका असली मजा तुरंत नहीं, बल्कि अगली सुबह आता है। जी हां, सोशल मीडिया से लेकर खाने के शौकीनों के बीच अक्सर यह बहस छिड़ती है कि कुछ पारंपरिक भारतीय डिशेज बासी होने के बाद और ज्यादा लजीज हो जाती हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि रातभर रखे रहने के कारण मसालों और जड़ी-बूटियों का अर्क पूरी तरह से ग्रेवी या बेस में समा जाता है, जिससे अगली सुबह उन्हें गर्म करते ही एक अनोखा और गहरा स्वाद उभरकर सामने आता है।

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है उत्तर भारत की जान यानी 'राजमा' और 'कढ़ी' का। आपने अक्सर महसूस किया होगा कि ताजी बनी कढ़ी या राजमा के मुकाबले, जब इन्हें रातभर फ्रिज में रखकर अगली सुबह दोबारा उबाला जाता है, तो इनकी ग्रेवी ज्यादा गाढ़ी और मखमली हो जाती है। खट्टापन और मसालों का तीखापन पूरी तरह से कढ़ी के पकोड़ों और राजमा के दानों के अंदर तक पैठ बना लेता है, जिससे सुबह जीरा राइस या गरमा-गरम पराठे के साथ इसका कॉम्बिनेशन आपके मुंह में स्वाद का विस्फोट कर देता है।
इसके अलावा, सर्दियों की पसंदीदा 'सरसों का साग' और हर दिल अजीज 'बिरयानी' या 'मटन/चिकन करी' का स्वाद भी अगले दिन बिल्कुल बदल जाता है। साग को जितनी बार धीमी आंच पर दोबारा गर्म किया जाता है, उसका कड़वापन पूरी तरह गायब हो जाता है और सोंधापन बढ़ जाता है। वहीं मांसाहारी व्यंजनों और बिरयानी में रातभर चावल और मीट के रेशों के बीच मसालों का जो रसाकर्षण (Osmosis) होता है, वह अगली सुबह खाने वाले को उंगलियां चाटने पर मजबूर कर देता है। यही वजह है कि कई घरों में जानबूझकर इन चीजों को ज्यादा मात्रा में बनाया जाता है ताकि सुबह का नाश्ता या लंच ज्यादा मजेदार हो सके।
साउथ इंडियन डिशेज की बात करें तो 'सांभर' भी इस जादुई लिस्ट से अछूता नहीं है। इमली, ड्रमस्टिक और सांभर मसाले का मिश्रण जब रातभर एक-दूसरे के साथ अच्छी तरह घुल-मिल जाता है, तो सुबह इडली या डोसे के साथ इसका स्वाद लाजवाब हो जाता है। हालांकि, शेफ और एक्सपर्ट्स का मानना है कि बासी खाने का मजा तभी तक सुरक्षित है जब उसे सही तरीके से एयरटाइट कंटेनर में फ्रिज के अंदर स्टोर किया गया हो। तो अगली बार अगर रात की कढ़ी या बिरयानी बच जाए, तो मुंह बनाने के बजाय खुश हो जाइए, क्योंकि अगली सुबह आपको स्वाद का डबल डोज मिलने वाला है!


-1792158347014_m.webp)




