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ईरान में हिंसा के बीच भारत की सख्त एडवाइजरी: नागरिकों को विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह

ईरान में बढ़ती महंगाई, मुद्रा के गिरते मूल्य और आर्थिक संकट के खिलाफ हो रहे हिंसक प्रदर्शनों ने गंभीर रूप से सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। इसे देखते हुए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने सोमवार, 5 जनवरी 2026 को एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। इसमें भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अगली सूचना तक ईरान की किसी भी गैर-जरूरी यात्रा (Non-essential travel) से बचें। जो लोग पहले से ही ईरान में मौजूद हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के 31 में से 25 प्रांतों में विरोध प्रदर्शन फैल चुके हैं और कई शहरों में प्रदर्शनकारियों व सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईरान में रह रहे भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग (PIOs) उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहाँ प्रदर्शन या रैलियाँ हो रही हैं। मंत्रालय ने नागरिकों को स्थानीय समाचारों और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट व सोशल मीडिया हैंडल पर निरंतर नजर बनाए रखने की हिदायत दी है।
ईरान में वर्तमान में लगभग 10,000 भारतीय रह रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र और तीर्थयात्री शामिल हैं। दूतावास ने उन सभी भारतीय नागरिकों को, जो रेजिडेंट वीजा पर ईरान में हैं, खुद को दूतावास में पंजीकृत (Register) कराने की सलाह दी है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति या निकासी की जरूरत पड़ने पर दूतावास उन तक तेजी से पहुंच सके। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसा में अब तक कई लोगों की जान जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
इस तनाव की मुख्य वजह ईरान की अर्थव्यवस्था का चरमराना है। साल 2025 से ईरान में महंगाई दर 40% के पार पहुंच गई है और ईरानी रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले आधी रह गई है। इन आर्थिक संकटों ने आम जनता को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका जैसे देशों की टिप्पणियों ने क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे सुरक्षा स्थिति और अधिक नाजुक हो गई है।
भारतीय विदेश मंत्रालय स्थिति पर पल-पल की नजर रख रहा है। मंत्रालय ने कहा है कि ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है और दूतावास चौबीसों घंटे सहायता के लिए उपलब्ध है। यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो सरकार निकासी (Evacuation) की संभावनाओं पर भी विचार कर सकती है। फिलहाल, सभी भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय कानूनों व सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।







