रायपुर (छत्तीसगढ़): इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में मची हलचल के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की स्थिति पर पैनी नजर बना ली है। मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की और स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) से बचें। सीएम साय ने स्पष्ट कहा कि राज्य के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है।
मुख्यमंत्री ने खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे पूरे प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की निरंतर मॉनिटरिंग करें। साय ने कहा, "पश्चिम एशिया के संकट का असर वैश्विक स्तर पर हो सकता है, लेकिन छत्तीसगढ़ शासन ने पहले ही बैकअप प्लान तैयार कर लिया है। तेल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है।" अधिकारियों को यह भी हिदायत दी गई है कि यदि कहीं से भी कालाबाजारी या बनावटी कमी की शिकायत आती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।
इस निर्देश के बाद जिला कलेक्टरों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा दी है। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्टॉक की जानकारी पारदर्शी तरीके से प्रदर्शित करें। सरकार की इस मुस्तैदी का उद्देश्य आम नागरिकों, किसानों और ट्रांसपोर्टर्स को यह भरोसा दिलाना है कि बाहरी देशों के युद्ध का असर उनकी दैनिक जरूरतों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालयों के साथ भी समन्वय बना रखा है ताकि आने वाले दिनों में किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके।








