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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में शीतलहर का सितम, अंबिकापुर @ 4°C; मौसम विभाग ने 18 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट...

Chhattisgarh RRT News Desk 16 January 2026

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छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और शीतलहर (Cold Wave) ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री नीचे गिर गया है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के करीब 18 जिलों में अगले 48 घंटों के लिए शीतलहर की चेतावनी जारी की है। खास तौर पर उत्तरी छत्तीसगढ़ और सरगुजा संभाग में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां कई स्थानों पर ओस की बूंदें जमने की खबरें सामने आ रही हैं।

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सरगुजा संभाग का मुख्यालय अंबिकापुर प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया है। वहीं मैनपाट और बलरामपुर जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारा 3 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिससे रेल और सड़क यातायात पर भी बुरा असर पड़ा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का सीधा असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है।

शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर समेत कई जिलों में कलेक्टरों ने आदेश जारी कर स्कूलों को सुबह देरी से खोलने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में दो शिफ्ट वाले स्कूलों की पहली पाली सुबह 8:30 बजे से और एक शिफ्ट वाले स्कूलों को सुबह 10:00 बजे से संचालित किया जा रहा है। यह व्यवस्था फिलहाल 17-18 जनवरी तक लागू रहेगी।

राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में भी ठिठुरन काफी बढ़ गई है। रायपुर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन तेज ठंडी हवाओं के कारण रात और सुबह के समय "चिल फैक्टर" अधिक महसूस किया जा रहा है। डॉक्टरों ने इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि अचानक बढ़े ठंड से हाइपोथर्मिया और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। हालांकि, 18 जनवरी के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है और बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है। फिलहाल, लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।

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