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Chit Fund Refund: चिटफंड पीड़ितों का इंतजार खत्म! निवेशकों की फाइनल लिस्ट तैयार; अब सीधे बैंक खातों में वापस आएगा डूबा हुआ पैसा

Chhattisgarh RRT News Desk 28 March 2026

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दुर्ग। जिला प्रशासन चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी के शिकार हुए लाखों निवेशकों के लिए न्याय की घड़ी नजदीक आ गई है। राज्य शासन के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने फर्जी कंपनियों की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। ताजा अपडेट के अनुसार, निवेशकों की प्रामाणिक सूची (Beneficiary List) लगभग तैयार कर ली गई है, जिसके आधार पर अब जल्द ही चरणबद्ध तरीके से राशि की वापसी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि गरीबों की मेहनत की कमाई डकारने वाली कंपनियों पर नकेल कसी जा रही है और प्रशासन की प्राथमिकता निवेशकों को उनका मूलधन लौटाने की है।

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विभिन्न जिलों में तहसील स्तर पर आवेदनों के सत्यापन का कार्य अंतिम चरण में है। बताया जा रहा है कि जिन कंपनियों की संपत्तियां नीलाम हो चुकी हैं, उनकी राशि सरकारी खजाने में जमा है, जिसे अब सीधे पात्र निवेशकों के बैंक खातों में Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर करने की योजना है। इस प्रक्रिया में उन छोटे निवेशकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिन्होंने अपनी जमा-पूंजी इन लुभावनी स्कीमों में गंवा दी थी। प्रशासन ने सभी निवेशकों से अपील की है कि वे अपनी बैंक डिटेल्स और केवाईसी (KYC) दस्तावेजों को तैयार रखें ताकि भुगतान के समय कोई तकनीकी बाधा न आए।

इस कार्रवाई से न केवल हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश में सक्रिय अन्य फर्जी वित्तीय संस्थाओं के लिए भी यह एक सख्त चेतावनी है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम अभी भी उन फरार डायरेक्टरों की तलाश में जुटी है, जिन्होंने जनता से धोखाधड़ी की है। निवेशकों की सूची तैयार होने की खबर से सालों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोगों में एक नई उम्मीद जगी है। आने वाले कुछ हफ्तों में तहसील कार्यालयों और जिला मुख्यालयों पर रिफंड वितरण की विस्तृत समय सारिणी (Schedule) जारी की जा सकती है।

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