मुंबई/नई दिल्ली, 8 जनवरी 2026: आदित्य धर के निर्देशन में बनी और रणवीर सिंह अभिनीत ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' इन दिनों अंतरराष्ट्रीय विवादों के केंद्र में है। भारत में बॉक्स ऑफिस के तमाम रिकॉर्ड तोड़ने और 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने वाली इस फिल्म पर मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कार्रवाई के विरोध में इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले में तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, फिल्म 'धुरंधर' को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान जैसे 6 प्रमुख खाड़ी देशों में रिलीज करने से मना कर दिया गया है। वहां की सेंसर अथॉरिटी ने फिल्म के 'कथित पाकिस्तान विरोधी' (Anti-Pakistan) नैरेटिव और संवेदनशील भू-राजनीतिक विषयों पर आपत्ति जताई है। गौरतलब है कि फिल्म की कहानी भारत के खुफिया ऑपरेशनों और आतंकवाद के खिलाफ साहसिक मिशनों पर आधारित है, जिसे खाड़ी देशों ने अपने क्षेत्र के लिए विवादास्पद माना है।
IMPPA के अध्यक्ष अभय सिन्हा द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में इस बैन को "एकतरफा और अनुचित" बताया गया है। एसोसिएशन ने तर्क दिया है कि फिल्म को भारत के 'सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन' (CBFC) से मंजूरी मिली हुई है और यह भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में से एक है। पत्र में कहा गया है कि खाड़ी देश भारत के मित्र राष्ट्र हैं और उनके साथ हमारे गहरे व्यापारिक संबंध हैं, ऐसे में फिल्म पर प्रतिबंध लगाना भारतीय फिल्म निर्माताओं की 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' का दमन है।
फिल्म 'धुरंधर' ने घरेलू बाजार में अपनी पकड़ मजबूत रखी है, लेकिन मिडिल ईस्ट जैसे बड़े विदेशी बाजार (Overseas Market) के छिन जाने से निर्माताओं को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। खाड़ी देशों में रहने वाला भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदाय बॉलीवुड फिल्मों का बड़ा दर्शक वर्ग है। इससे पहले भी 'आर्टिकल 370', 'टाइगर 3' और 'फाइटर' जैसी फिल्मों को इन्हीं कारणों से मिडिल ईस्ट में विरोध या प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था।
अब फिल्म उद्योग की निगाहें केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) पर टिकी हैं। IMPPA ने अनुरोध किया है कि भारत सरकार इन देशों के संबंधित अधिकारियों से बातचीत करे ताकि फिल्म से प्रतिबंध हटाया जा सके। 'धुरंधर' की टीम का मानना है कि फिल्म राष्ट्रवाद और वीरता की कहानी है, न कि किसी देश के खिलाफ दुष्प्रचार। यदि पीएम मोदी इस मामले में हस्तक्षेप करते हैं, तो यह न केवल इस फिल्म बल्कि भविष्य में आने वाली अन्य भारतीय फिल्मों के लिए भी एक बड़ा राहतकारी कदम होगा।








