नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली का लक्ष्मी नगर इलाका उस वक्त दहल गया, जब मामूली विवाद के बाद दबंगों ने एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना के दौरान पीड़ित शख्स के बेटे ने बदहवास होकर PCR को कॉल किया और चीखते हुए कहा— "सर जल्दी आओ, मेरे पापा को मार डालेंगे ये लोग!" इस पूरी वारदात का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर खुलेआम लाठी-डंडों से मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत पार्किंग या किसी छोटी बात को लेकर हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई। आरोप है कि स्थानीय रसूख रखने वाले ओंकार यादव और उनके समर्थकों ने घर में घुसकर हमला किया। पीड़ितों का दावा है कि आरोपी खुद को सत्ताधारी दल और आरएसएस से जुड़ा बताकर इलाके में धौंस जमाते हैं। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि किस तरह बेखौफ हमलावर महिलाओं और बच्चों के सामने ही घर के मुखिया को बेरहमी से पीट रहे हैं।
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित परिवार ने बताया कि हमलावरों की तादाद एक दर्जन से ज्यादा थी। बेटे द्वारा पुलिस को किए गए इमरजेंसी कॉल की ऑडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें बच्चे का डर साफ सुना जा सकता है। पुलिस के पहुँचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए। इस हमले में घर के कई सदस्यों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली और वीआईपी कल्चर के नाम पर होने वाली दबंगई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर काफी रोष है कि रिहायशी इलाके में इस तरह की गुंडागर्दी कैसे हो सकती है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए दिल्ली की कानून व्यवस्था पर केंद्र सरकार और पुलिस को घेरा है। आरोपियों की राजनीतिक पहुंच के दावों ने मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर ली है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।








