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छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का 'ऑरेंज अलर्ट': 17 जिलों में चलेगी शीतलहर, अंबिकापुर में पारा 4°C के नीचे पहुंचा

Chhattisgarh RRT News Desk 08 January 2026

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रायपुर, 8 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और ठिठुरन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 17 जिलों के लिए शीतलहर (Cold Wave) का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने और उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई है।

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मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 से 72 घंटों तक ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा। उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.5^{\circ}C दर्ज किया गया है, जबकि मैनपाट जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में ओस की बूंदें बर्फ की चादर की तरह जम गई हैं। प्रशासन ने शीतलहर के खतरे को देखते हुए कई जिलों के स्कूलों के समय में बदलाव करने और अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

शीतलहर की चपेट में आने वाले प्रमुख जिलों में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, और बेमेतरा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक कम चल रहा है। बस्तर संभाग में भी रात के तापमान में गिरावट देखी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आसमान साफ होने के कारण रातें और भी ठंडी होंगी, जिससे पाला (Ground Frost) गिरने की भी संभावना है।

अत्यधिक ठंड और घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है। सुबह के समय रायपुर और बिलासपुर जाने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। रायपुर एयरपोर्ट पर भी कम विजिबिलिटी के कारण उड़ानों के संचालन में सावधानी बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि तापमान में अचानक आई इस गिरावट से सर्दी-खांसी और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्यों मध्यप्रदेश और झारखंड में भी इसी तरह के हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 जनवरी के बाद ही लोगों को कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। तब तक उत्तर से आने वाली सूखी और ठंडी हवाएं प्रदेश में ठिठुरन बनाए रखेंगी। शासन ने नगर निगमों को निर्देश दिए हैं कि रैन बसेरों में पर्याप्त इंतजाम रखे जाएं ताकि बेघर लोगों को इस जानलेवा ठंड से बचाया जा सके।

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