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छत्तीसगढ़ में पहली बार राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी: विवादों पर लगा विराम, राज्यपाल 10 जनवरी को करेंगे भव्य शुभारंभ

बालोद/रायपुर, 8 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार आयोजित होने वाली 'प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी' को लेकर बनी अनिश्चितता के बादल अब पूरी तरह छंट गए हैं। बालोद जिले के ग्राम दुधली (मालीघोरी) में आयोजित होने वाले इस भव्य राष्ट्रीय आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट्स एवं गाइड्स के आयुक्त ने आधिकारिक पुष्टि की है कि कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर ही होगा। इस पांच दिवसीय जम्बूरी का औपचारिक उद्घाटन 10 जनवरी 2026 को प्रदेश के राज्यपाल द्वारा किया जाएगा, जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

यह आयोजन भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। 9 से 13 जनवरी तक चलने वाले इस महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 11 पड़ोसी देशों के लगभग 14,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इस जम्बूरी की थीम 'सशक्त युवा, विकसित भारत' रखी गई है। आयोजन स्थल पर एक विशाल 'सेक्रेट्रिएट सेंटर' और प्रतिभागियों के लिए अत्याधुनिक टेंट सिटी बनाई गई है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल और अन्य कैबिनेट मंत्रियों के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि हुई है।
पिछले कुछ दिनों से इस आयोजन के स्थगन और स्थान परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा थी। वित्तीय अनियमितताओं और टेंडर संबंधी विवादों के कारण कार्यक्रम पर संशय बना हुआ था, लेकिन मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप और विभागीय स्पष्टीकरण के बाद सभी विवादों पर विराम लग गया है। आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने बताया कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि उसे इस प्रथम राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी मिली है। सुरक्षा और स्वास्थ्य के पुख्ता इंतजामों के बीच अब पूरा ध्यान जम्बूरी की सफलता पर केंद्रित है।
जम्बूरी के दौरान विभिन्न साहसिक गतिविधियाँ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज और स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप्स का आयोजन किया जाएगा। बालोद जिले के दुधली ग्राम को एक लघु भारत के रूप में सजाया गया है, जहाँ विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों की झलक देखने को मिलेगी। विदेशों से भी लगभग 500 मेहमानों और अधिकारियों के पहुँचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। स्थानीय प्रशासन ने परिवहन और आवास की व्यवस्था के लिए विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं।
समारोह के समापन पर 13 जनवरी को एक भव्य रंगारंग कार्यक्रम होगा, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रोवर्स और रेंजर्स को सम्मानित किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनेगी और प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।







