रायपुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिली प्रचंड बढ़त का असर अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी देखने को मिल रहा है। जैसे ही टीवी स्क्रीन पर बीजेपी के 200 के करीब पहुंचने की खबरें आईं, रायपुर के भाजपा कार्यालय और प्रमुख चौराहों पर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। लल्लूराम की रिपोर्ट के अनुसार, उत्साहित कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते कार्यकर्ताओं ने इसे "सनातन धर्म की जीत" और "तुष्टिकरण की हार" करार दिया है।
रायपुर के एकात्म परिसर (भाजपा कार्यालय) में सुबह से ही गहमागहमी बनी हुई थी। कार्यकर्ताओं ने भगवान राम और भारत माता के जयकारों के साथ मिठाइयां बांटीं। स्थानीय नेताओं का कहना है कि बंगाल की जीत ने यह साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और अमित शाह की रणनीति का कोई विकल्प नहीं है। रायपुर के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी जश्न की खबरें आ रही हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं का मानना है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन का संदेश पूरे देश में जाएगा और यह 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए एक बड़ी बुनियाद बनेगा।
जश्न के दौरान कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से 'सनातन' नैरेटिव और संदेशखाली जैसे मुद्दों पर बीजेपी की स्टैंड की सराहना की। रायपुर की सड़कों पर निकले विजय जुलूस में युवा और महिला कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। मिठाई खिलाने का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा, जहाँ हर कोई बंगाल में ममता बनर्जी के 'किले' के ढहने की चर्चा कर रहा था। बीजेपी का मानना है कि यह जीत केवल एक राज्य की नहीं, बल्कि उस विचारधारा की है जिसने बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को बचाने का संकल्प लिया था।








