रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा है कि सेनानियों का त्याग और बलिदान देश की सबसे बड़ी अमूल्य धरोहर है। उन्होंने बल दिया कि इन बलिदानियों के परिवारों का सम्मान करना केवल हमारा कर्तव्य नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने यह बातें प्रदेश में आयोजित विभिन्न सम्मान समारोहों और कार्यक्रमों के दौरान कहीं।
1. नई पीढ़ी के लिए प्रेरणापुंज
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, उसकी नींव उन वीर सपूतों के बलिदान पर टिकी है जिन्होंने अपना सर्वस्व मातृभूमि के चरणों में अर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, "यह हमारा सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ की धरा ने शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर और वीर हनुमान सिंह जैसे महान नायक दिए, जिनकी वीरता की गाथा आज भी हमें रोमांचित करती है।"
2. छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का विशेष उल्लेख
श्री साय ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के जनजातीय विद्रोहों और सेनानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य का इतिहास सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है।
शहीद वीर नारायण सिंह: उन्होंने अकाल के समय गरीबों के लिए अंग्रेजों से लोहा लिया।
परलकोट विद्रोह: शहीद गेंदसिंह की वीरता आज भी बस्तर और पूरे प्रदेश के युवाओं को प्रेरित करती है।
संग्रहालय का निर्माण: मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय (Museum) का निर्माण अंतिम चरणों में है, जो भावी पीढ़ी को इन वीरों के इतिहास से रूबरू कराएगा।
3. परिवारों का सम्मान सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सेनानियों के परिवारों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए और उन्हें मिलने वाली सम्मान निधि व अन्य सुविधाओं में कोई कोताही न बरती जाए।
4. 'विकसित छत्तीसगढ़' का संकल्प
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सेनानियों के सपनों का भारत और छत्तीसगढ़ बनाने के लिए हमें 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ना होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को न भूलें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
निष्कर्ष: कृतज्ञ राष्ट्र का नमन
मुख्यमंत्री के अनुसार, स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रहित हमेशा व्यक्तिगत हितों से ऊपर होना चाहिए। छत्तीसगढ़ सरकार इन वीरों की यादों को संजोने और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।








