Breaking
- प्रतिभा बड़े शहरों की मोहताज नहीं, सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो सरगुजा का बच...
- Good Governance News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में संवेदनशील शासन...
- बस के अंदर फांसी पर लटकी मिली कंडक्टर की लाश, मचा हड़कंप
- जय अंबे स्वीट्स, जनता स्वीट्स और स्वीट हार्ट सील, छापे में मिठाइयों में कीड़े...
- छत्तीसगढ़ में लापरवाह अधिकारियों को लेकर शासन गंभीर, PWD के 13 अधिकारियों को ...
- रायपुर में 53 लाख की चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार; गीजर और खि...
- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तीन गांवों में 1.55 करोड़ रुपए के गौरव पथ निर्मा...
- गोवंश हत्या के आरोपियों का शहर में निकाला जुलूस, एक दिन पहले थाने का हुआ था घ...
- ग्रामीण विकास में पंच-सरपंचों की सक्रिय भागीदारी जरूरी: वन मंत्री केदार कश्यप
- Accident News: कोरबा में तेज रफ्तार बुलेट का कहर:जसगीत गाने जा रही दो महिलाओं...
PM मोदी की ओमान यात्रा: भारत-ओमान CEPA समझौते पर लगेगी मुहर, व्यापार जगत में 'गेमचेंजर' बनने की उम्मीद...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी महत्वपूर्ण विदेश यात्रा के तहत ओमान पहुंच रहे हैं, जहाँ उनका मुख्य एजेंडा भारत और ओमान के बीच 'व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते' (CEPA) को अंतिम रूप देना है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करने और द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। राजनयिक गलियारों में इस यात्रा को खाड़ी देशों के साथ भारत के मजबूत होते संबंधों की एक अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

ओमान के व्यापारियों और उद्योग जगत ने इस व्यापार समझौते को एक 'गेमचेंजर' करार दिया है। स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि CEPA लागू होने से भारतीय सामानों के लिए ओमान का बाजार और आसान हो जाएगा, वहीं ओमान के उत्पादों को भारत के विशाल बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। विशेष रूप से ऊर्जा, कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों में शुल्क कटौती से निर्यातकों को सीधा लाभ होने की उम्मीद है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।
आर्थिक सहयोग के अलावा, पीएम मोदी की यह यात्रा सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ओमान, हिंद महासागर में भारत का एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार रहा है और दुक्म पोर्ट जैसे रणनीतिक स्थानों पर भारत की उपस्थिति में इसकी अहम भूमिका है। द्विपक्षीय चर्चा के दौरान समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग और आतंकवाद विरोधी अभियानों जैसे मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श होने की संभावना है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।
यह दौरा न केवल व्यापारिक और सैन्य समझौतों तक सीमित है, बल्कि यह ओमान में रह रहे भारतीय प्रवासियों के साथ संबंधों को भी प्रगाढ़ करेगा। प्रधानमंत्री मोदी वहां भारतीय समुदाय के साथ संवाद कर सकते हैं, जो ओमान की अर्थव्यवस्था में रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। इस समझौते के सफल कार्यान्वयन से भविष्य में निवेश के नए अवसर खुलेंगे और भारत की 'वेस्ट एशिया' नीति को एक नई दिशा मिलेगी।







