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कवर्धा में 'डिजिटल हेराफेरी': CCTV कैमरों से छेड़छाड़ कर धान संग्रहण केंद्र में लाखों का घोटाला

Chhattisgarh RRT News Desk 09 January 2026

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कवर्धा/छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के कवर्धा (कबीरधाम) जिले से सरकारी धान खरीदी और संग्रहण में एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। संग्रहण केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों ने धान की हेराफेरी को छिपाने के लिए तकनीकी सेंधमारी का सहारा लिया। जांच में खुलासा हुआ है कि केंद्र में लगे CCTV कैमरों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई ताकि ट्रकों की आवाजाही और धान के स्टॉक में हो रही कमी का कोई डिजिटल रिकॉर्ड न बच सके। यह मामला तब खुला जब उच्चाधिकारियों की टीम ने अचानक निरीक्षण किया और पाया कि महत्वपूर्ण समय का फुटेज गायब है।

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शुरुआती जांच के अनुसार, संग्रहण केंद्र से सैकड़ों क्विंटल धान गायब होने की आशंका है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से उन कैमरों के कनेक्शन काट दिए या उन्हें दूसरी दिशा में मोड़ दिया, जो लोडिंग और अनलोडिंग पॉइंट की निगरानी करते थे। इसे 'डिजिटल फ्रॉड' (CCTV Fraud) का एक नया तरीका माना जा रहा है, जहां भौतिक चोरी को छिपाने के लिए सबूतों को तकनीकी स्तर पर नष्ट किया गया। केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका इस पूरे प्रकरण में संदिग्ध पाई गई है।

घोटाले की भनक लगते ही खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने स्टॉक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि रिकॉर्ड बुक में धान की जितनी मात्रा दर्ज है, असल में गोदामों में उससे काफी कम स्टॉक मिला है। धान के बदले मिलर्स को खराब या कम गुणवत्ता वाला धान भेजने और प्रीमियम क्वालिटी के धान को खुले बाजार में बेचने की साजिश की आशंका जताई जा रही है।

कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग अब हार्ड डिस्क और सर्वर को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रहा है ताकि डिलीट किए गए फुटेज को रिकवर किया जा सके। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ उनसे नुकसान की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इस खुलासे के बाद जिले के अन्य संग्रहण केंद्रों पर भी निगरानी सख्त कर दी गई है।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी एक संवेदनशील मुद्दा है, और कवर्धा में हुआ यह घोटाला सरकार की पारदर्शिता की दावों पर सवाल खड़ा कर रहा है। किसानों और विपक्षी दलों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। फिलहाल, संबंधित केंद्र के कुछ कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और उनकी गिरफ्तारी की संभावना बनी हुई है।

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