ग्वालियर/मप्र: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मोबाइल फोन न देने के मामूली विवाद ने एक महिला की जान ले ली। जानकारी के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मृतका ने जब पति से उसका मोबाइल मांगा, तो उसने देने से इनकार कर दिया और गुस्से में पत्नी को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। इस अपमान से आहत होकर महिला ने कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना के पीछे की मुख्य वजह पति का कथित तौर पर किसी अन्य महिला (गर्लफ्रेंड) के साथ अफेयर होना बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि पति का बाहर किसी युवती के साथ संबंध था, जिसे लेकर घर में आए दिन कलह होती थी। मृतका अक्सर पति के फोन की जांच करना चाहती थी ताकि उसके अफेयर का सबूत मिल सके, लेकिन पति हमेशा फोन छिपाकर रखता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर मारपीट की नौबत आ जाती थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दंपति के बीच पहले से ही तलाक (Divorce) का केस चल रहा था। दोनों के बीच अनबन इतनी बढ़ चुकी थी कि मामला कोर्ट तक जा पहुंचा था, लेकिन इसके बावजूद वे एक ही घर में रह रहे थे। मृतका के मायके वालों का आरोप है कि पति उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था और वह दूसरी शादी करने के फिराक में था। थप्पड़ मारना वह आखिरी चिंगारी थी जिसने महिला को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन मृतका के फोन और पति के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) को खंगाला जा रहा है। पड़ोसियों ने भी पुष्टि की है कि रात में घर से झगड़ने की तेज आवाजें आ रही थीं। पुलिस ने पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या उसे आत्महत्या के लिए उकसाया गया था।
यह घटना आधुनिक रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और घरेलू हिंसा के गंभीर परिणामों को रेखांकित करती है। समाजशास्त्रियों का कहना है कि मोबाइल फोन अब वैवाहिक विवादों का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। फिलहाल, महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज करने के संकेत दिए हैं।








