इंदौर/मप्र: मध्य प्रदेश के एक प्रतिष्ठित डेंटल कॉलेज की मेस में स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का एक खौफनाक मामला सामने आया है। मेस में दोपहर का खाना खा रहे छात्रों के पैरों तले जमीन खिसक गई जब उन्हें परोसे गए भोजन में एक मरा हुआ मेंढक मिला। यह घटना सामने आते ही हॉस्टल के छात्रों ने थालियां फेंक दीं और मेस प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि मेस संचालक छात्रों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रहा है और शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं किया जा रहा है।
जांच के दौरान मेस की रसोई में जो तस्वीरें सामने आईं, वे और भी भयावह थीं। चावल के कंटेनरों में जिंदा इल्लियां रेंगती मिलीं और भजिए बनाने के लिए जिस बेसन का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह पूरी तरह खराब हो चुका था। इतना ही नहीं, स्टोर रूम में भारी मात्रा में 'एक्सपायरी डेट' वाले फूड प्रोडक्ट्स और मसाले मिले, जिनका इस्तेमाल रोजाना खाना बनाने में किया जा रहा था। साफ-सफाई के नाम पर किचन में हर तरफ गंदगी और बदबू का अंबार लगा हुआ था।
छात्रों ने बताया कि पिछले कई दिनों से खाने की गुणवत्ता को लेकर मेस मैनेजर से शिकायत की जा रही थी, लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया। कई छात्र लगातार पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग की शिकायत कर रहे थे। 'मरा हुआ मेंढक' मिलने की घटना ने छात्रों के सब्र का बांध तोड़ दिया। छात्रों का कहना है कि वे भारी-भरकम फीस और मेस चार्ज देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें जहर परोसा जा रहा है। हंगामे की सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन और खाद्य विभाग (Food Department) की टीम मौके पर पहुंची।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मेस से चावल, बेसन और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल जब्त कर उन्हें लैब टेस्टिंग के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में मेस के लाइसेंस और स्वच्छता मानकों में गंभीर खामियां पाई गई हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेस के स्टोर को सील कर दिया है और संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कॉलेज प्रबंधन ने भी मामले की आंतरिक जांच के लिए एक कमेटी गठित की है और दोषी पाए जाने पर मेस कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने की बात कही है।
इस घटना ने शैक्षणिक संस्थानों में चलने वाली मेस की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों की मांग है कि जब तक खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और लापरवाह मेस संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाए। फिलहाल, कैंपस में तनाव का माहौल है और छात्र सुरक्षा मानकों को लेकर लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं।








