रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने दो दिवसीय प्रवास पर गोवा पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा सांस्कृतिक आदान-प्रदान और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पणजी पहुंचने पर मुख्यमंत्री साय का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से उनके आधिकारिक निवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच पर्यटन, संस्कृति और विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री साय के इस दौरे का मुख्य आकर्षण 'आदि लोकोत्सव 2026' कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री इस तीन दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन करेंगे, जो गोवा के अमोने-पोंगुइनिम (Amone-Poinguinim) में आयोजित किया जा रहा है। यह उत्सव आदिवासी कला, संस्कृति और परंपराओं को समर्पित है। छत्तीसगढ़, जो स्वयं अपनी समृद्ध जनजातीय विरासत के लिए जाना जाता है, इस मंच के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से राज्यों के बीच 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना प्रबल होती है।
गोवा और छत्तीसगढ़ के बीच आपसी सहयोग का पुराना इतिहास रहा है। हाल ही में बस्तर में आई बाढ़ के दौरान गोवा सरकार ने सहायता के तौर पर 5 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की थी, जिसके लिए मुख्यमंत्री साय ने व्यक्तिगत रूप से गोवा के मुख्यमंत्री का आभार जताया। शिष्टाचार भेंट के दौरान सीएम साय ने छत्तीसगढ़ में मनाए जा रहे 'रजत जयंती वर्ष' (25 साल) के कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी साझा की और गोवा के नेतृत्व को राज्य आने का निमंत्रण दिया।
इस दौरे में मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने गोवा में रहने वाले छत्तीसगढ़िया प्रवासियों से भी मुलाकात की और उन्हें राज्य में हो रहे विकास कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों के कल्याण और उनकी कला को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। 'आदि लोकोत्सव' इसी दिशा में एक सराहनीय कदम है जो जनजातीय कलाकारों को नया बाजार और पहचान प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री की इस यात्रा को राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों नजरियों से अहम देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ की 'विष्णु' सरकार पड़ोसी और मित्र राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाकर राज्य के विकास को नई गति देने की कोशिश कर रही है। दो दिवसीय प्रवास के बाद मुख्यमंत्री वापस रायपुर लौटेंगे, जहां वे जनदर्शन और आगामी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे।








