रायपुर: राजधानी रायपुर के नगर पालिक निगम ने स्वच्छता और जनशिकायत निवारण को लेकर अपनी तत्परता दिखाई है। नगर निगम जोन क्रमांक 10 के अंतर्गत आने वाले अमलीडीह क्षेत्र से नागरिकों द्वारा नालियों में जमा कचरे, दुर्गंध और मच्छरों की बढ़ती समस्या की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निगम प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और प्रभावित क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान शुरू किया।
नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही ने जनशिकायत मिलते ही संबंधित जोन स्वास्थ्य अधिकारी को मौके पर पहुंचने और युद्ध स्तर पर सफाई कार्य करने के निर्देश दिए। निर्देशों के परिपालन में निगम की स्वास्थ्य टीम ने अमलीडीह क्षेत्र की नालियों की सघन सफाई की और जमा हुए कचरे का पूर्ण रूप से उठाव किया। इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के निवासियों को गंदगी और उससे होने वाली परेशानियों से तत्काल राहत मिली है।
सफाई कार्य के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया के खतरे को देखते हुए प्रभावी कदम उठाए हैं। सफाई के तुरंत बाद क्षेत्र में एंटी-लार्वा रसायनों का छिड़काव किया गया और फॉगिंग मशीन के माध्यम से मच्छरों के नियंत्रण की कार्रवाई की गई। डॉ. पाणीग्रही ने स्पष्ट किया कि संक्रमण को रोकने के लिए नियमित अंतराल पर इस तरह की फॉगिंग और छिड़काव की प्रक्रिया जारी रहेगी।
निगम प्रशासन ने सफाई के स्थायित्व पर जोर देते हुए जोन स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे क्षेत्र में नियमित निगरानी रखें। अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे नागरिकों के बीच जाकर उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। निगम का लक्ष्य केवल सफाई करना ही नहीं, बल्कि एक ऐसी संस्कृति विकसित करना है जहाँ सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की प्रवृत्ति को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
अंत में, नगर निगम ने अमलीडीह के नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना न केवल स्वच्छता अभियान में बाधा डालता है, बल्कि बीमारियों के फैलने का मुख्य कारण भी बनता है। निगम ने चेतावनी दी है कि भविष्य में लापरवाही बरतने वालों पर सख्ती बरती जाएगी और नियमित रूप से सफाई के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।








