Raipur। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लाल आतंक के खात्मे की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिलने जा रही है। दशकों से आतंक का पर्याय बना और कई बड़ी नक्सली घटनाओं का मास्टरमाइंड, नक्सली कमांडर पापाराव आज आत्मसमर्पण करने वाला है। इसे नक्सली नेतृत्व की कमर तोड़ने वाली एक ऐतिहासिक घटना माना जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पापाराव पर लाखों रुपये का इनाम घोषित है। वह लंबे समय से बस्तर के बीजापुर और सुकमा जैसे इलाकों में सक्रिय था। बताया जा रहा है कि सरकार की 'पुनर्वास नीति' और सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव के चलते उसने हथियार डालने का फैसला किया है। उसके साथ कुछ अन्य नक्सलियों के भी सरेंडर करने की संभावना जताई जा रही है।
नक्सल विरोधी अभियानों में यह एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, क्योंकि पापाराव के पास नक्सली नेटवर्क और उनकी रणनीतियों की अहम जानकारी है। बस्तर आईजी और स्थानीय पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में आज सरेंडर की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन के कैडरों में भारी निराशा और बिखराव देखने को मिल सकता है।
मुख्यमंत्री और गृह मंत्रालय ने पहले ही लक्ष्य रखा है कि आने वाले समय में बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त किया जाएगा। पापाराव जैसे बड़े लीडर का मुख्यधारा में लौटना यह दर्शाता है कि अब नक्सलियों का शीर्ष नेतृत्व भी कमजोर पड़ रहा है। पुलिस प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखे हुए है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।








