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ऋतिक रोशन @52: जब डॉक्टरों ने कहा था 'कभी नहीं बन पाएंगे एक्टर', झाड़ू लगाने से 'ग्रीक गॉड' बनने तक का सफर..

बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन आज अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज भले ही उन्हें दुनिया 'ग्रीक गॉड' और बेहतरीन डांसर के रूप में जानती है, लेकिन उनके करियर की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी। ऋतिक के बचपन और शुरुआती दिनों का संघर्ष किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। एक समय ऐसा था जब डॉक्टरों ने उन्हें स्पष्ट कह दिया था कि वे कभी अभिनेता नहीं बन पाएंगे, क्योंकि उन्हें हड्डियों से जुड़ी गंभीर समस्या (Scoliosis) थी और बचपन में वे हकलाने की समस्या से भी जूझते थे।

ऋतिक रोशन ने अपनी कमियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने कड़ी मेहनत और स्पीच थेरेपी के जरिए अपनी हकलाहट पर जीत हासिल की। फिल्मी दुनिया में कदम रखने से पहले, एक स्टार किड होने के बावजूद उन्होंने जमीन से जुड़कर काम सीखा। उन्होंने अपने पिता राकेश रोशन के साथ फिल्मों के सेट पर एक असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में झाड़ू तक लगाई और क्रू के लिए चाय तक परोसी। यह अनुशासन ही था जिसने उन्हें अभिनय की बारीकियों को समझने में मदद की।
साल 2000 में फिल्म 'कहो ना प्यार है' से ऋतिक ने रातों-रात धमाका कर दिया। यह पहली ऐसी फिल्म थी जिसने किसी डेब्यू एक्टर को 'बेस्ट डेब्यू' और 'बेस्ट एक्टर' दोनों फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलाए। हालांकि, इस बड़ी सफलता के बाद एक दौर ऐसा भी आया जब उनकी कई फिल्में फ्लॉप हुईं और लोगों ने उन्हें 'वन फिल्म वंडर' कहना शुरू कर दिया। लेकिन ऋतिक ने हार नहीं मानी और 'कोई मिल गया' में एक मानसिक रूप से अक्षम बच्चे का किरदार निभाकर आलोचकों का मुंह बंद कर दिया।
ऋतिक रोशन को बॉलीवुड का सबसे फिट अभिनेता माना जाता है, लेकिन उनके करियर में शारीरिक चोटों का सिलसिला हमेशा बना रहा। 'कृष' और 'बैंग बैंग' जैसी फिल्मों के दौरान उन्हें गंभीर स्पाइनल और ब्रेन इंजरी हुई। डॉक्टरों ने कई बार उन्हें डांस और स्टंट करने से मना किया, लेकिन हर बार ऋतिक ने अपनी इच्छाशक्ति के दम पर वापसी की। आज वे न केवल एक बेहतरीन एक्टर हैं, बल्कि फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति युवाओं के लिए एक बड़े प्रेरणास्रोत (Inspiration) भी हैं।
आज 52 की उम्र में भी ऋतिक अपनी फिटनेस और लुक्स से नए अभिनेताओं को कड़ी टक्कर देते हैं। उनकी हालिया और आगामी फिल्में जैसे 'फाइटर' और 'वॉर 2' इस बात का सबूत हैं कि वे अभी भी बॉक्स ऑफिस के किंग हैं। ऋतिक की कहानी हमें सिखाती है कि यदि आपके पास दृढ़ निश्चय और मेहनत करने का जज्बा है, तो दुनिया की कोई भी शारीरिक या मानसिक बाधा आपको आपके सपनों तक पहुँचने से नहीं रोक सकती।







