RRT News- Raipur रसोई में इस्तेमाल होने वाला घी न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। लेकिन बाजार में बढ़ते मुनाफे के चक्कर में नकली और मिलावटी घी की भरमार हो गई है। अक्सर घी में वनस्पति तेल, पशु चर्बी या उबले हुए आलू की मिलावट की जाती है, जिसे पहचानना आम आंखों से मुश्किल होता है। अगर आप भी अपने परिवार की सेहत को लेकर चिंतित हैं, तो कुछ आसान घरेलू टेस्ट के जरिए मिनटों में पता लगा सकते हैं कि आपका घी शुद्ध है या नहीं।
शुद्धता जांचने के 4 आसान तरीके: पहला सबसे सरल तरीका है 'हथेली टेस्ट'—थोड़ा सा घी अपनी हथेली पर रखें, अगर वह शरीर की गर्मी से तुरंत पिघलने लगे, तो वह शुद्ध है। दूसरा तरीका है 'पैन टेस्ट'—एक बर्तन में एक चम्मच घी गर्म करें, यदि वह तुरंत पिघलकर भूरा (brown) हो जाए, तो वह असली है; लेकिन अगर वह पिघलने में समय ले और पीला दिखे, तो उसमें मिलावट हो सकती है। इसके अलावा, 'नमक टेस्ट' में घी में थोड़ा नमक और हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाने पर यदि रंग लाल हो जाए, तो समझ लें कि उसमें डालडा या अन्य तेल मिलाया गया है।
आयोडीन और पानी का टेस्ट: शुद्धता की एक और जांच 'आयोडीन' से की जा सकती है। पिघले हुए घी में आयोडीन की कुछ बूंदें डालें, अगर घी का रंग नीला हो जाता है, तो यह संकेत है कि इसमें उबले हुए आलू या स्टार्च की मिलावट की गई है। अंत में, आप एक गिलास पानी में एक चम्मच घी डालकर देखें—अगर घी पानी के ऊपर तैरता रहे, तो वह असली है, और अगर नीचे बैठ जाए या घुलने लगे, तो वह नकली हो सकता है। इन छोटे लेकिन कारगर तरीकों को अपनाकर आप मिलावटी घी के दुष्प्रभावों से बच सकते हैं।







