Breaking
- पैंगोलिन तस्करी का बड़ा खुलासा, 14 किलो खाल और शल्क के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार
- नशे में धुत युवकों की तेज रफ्तार स्कोडा कार ने मचाया कहर, भीषण हादसे में बुजु...
- Doorstep Jeevan Praman Patra : अब मात्र 70 रुपये में घर बैठे बनेगा जीवन प्रमा...
- Uttarakhand Helicopter Crash : बद्रीनाथ से देहरादून आ रहा हेलीकॉप्टर चमोली मे...
- Ram Setu Truth or Myth : क्या सच में इंसानों ने बनाया था रामसेतु? जानें इस ऐत...
- Ram Setu Truth or Myth : क्या सच में इंसानों ने बनाया था रामसेतु? जानें इस ऐत...
- 'जब जीते तो होशियार और हार जाए तो EC खराब!', दुर्ग की सभा में कांग्रेस पर जमक...
- सेरीखेड़ी ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार वाहन ने तीन मजदूरों को रौंदा, दो की मौके पर ...
- Higher Education Expansion Chhattisgarh : ग्रामीण बेटियों के लिए उच्च शिक्षा ...
- Mahtari Vandan Yojana Chhattisgarh : महतारी वंदन से बेटी पढ़ाओ को मिल रहा संब...
Ram Setu Truth or Myth : क्या सच में इंसानों ने बनाया था रामसेतु? जानें इस ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर के रोंगटे खड़े करने वाले रहस्य

Raipur: भारत के रामेश्वरम और श्रीलंका के मन्नार द्वीप के बीच समुद्र में पत्थरों और चट्टानों की एक लंबी कतार मौजूद है, जिसे 'रामसेतु' या आदम का पुल (Adam's Bridge) कहा जाता है। सदियों से यह पुल आस्था, इतिहास और विज्ञान के बीच बहस का केंद्र रहा है। क्या यह कोई प्राकृतिक रचना है या इंसानों (वानर सेना) द्वारा बनाया गया था? आइए जानते हैं इससे जुड़े कुछ हैरान करने वाले और रोंगटे खड़े करने वाले रहस्यों के बारे में।

वाल्मीकि रामायण और धार्मिक मान्यता
हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ वाल्मीकि रामायण के अनुसार, जब भगवान राम को माता सीता को लंकापति रावण की कैद से मुक्त कराने के लिए समुद्र पार करना था, तब नल और नीव की देखरेख में वानर सेना ने इस पुल का निर्माण किया था। पत्थरों पर 'श्री राम' लिखकर उन्हें पानी में तैराए जाने की कथा सदियों से हमारी संस्कृति का हिस्सा रही है।
वैज्ञानिक और नासा (NASA) के तथ्य
अमेरिकन स्पेस एजेंसी नासा (NASA) द्वारा ली गई अंतरिक्ष की तस्वीरों में समुद्र के भीतर उथले पानी में पत्थरों की एक श्रृंखला साफ दिखाई देती है। विज्ञान के जानकारों और भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, यह संरचना करीब 48 किलोमीटर लंबी है। हैरानी की बात यह है कि इस संरचना में जो पत्थर इस्तेमाल किए गए हैं, वे पानी में तैरने वाले (प्यूमिक स्टोन जैसे) हैं, जो सामान्य भौगोलिक स्थिति से अलग हैं।
कार्बन डेटिंग और समय का रहस्य
कुछ वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों का मानना है कि इन पत्थरों और चूना पत्थर की उम्र और समुद्र के नीचे की संरचना इस बात की ओर इशारा करती है कि यह मानव निर्मित हो सकती है, हालांकि इसे लेकर अलग-अलग वैज्ञानिक मत भी हैं। समुद्र के बीचों-बीच इंसानों या वानरों द्वारा इतने विशाल पत्थरों को व्यवस्थित तरीके से जोड़कर पुल जैसी आकृति तैयार करना आज भी आधुनिक विज्ञान के लिए एक आश्चर्य का विषय बना हुआ है।

-1792409500675_m.webp)



