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स्कूल की जर्जर दीवार बनी काल: मलबे में दबने से छात्र की मौत, यूपी में मानवता शर्मसार करने वाला मामला आया सामने...

उत्तर प्रदेश के एक सरकारी स्कूल से हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ स्कूल की जर्जर दीवार अचानक ढहने से एक मासूम छात्र की मलबे में दबकर मौत हो गई। इस हादसे ने स्कूल भवनों की सुरक्षा और रखरखाव पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जिनका आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने दीवार की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया। अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

इसी बीच, उत्तर प्रदेश से ही एक और संवेदनशील मामला सामने आया है जिसने सामाजिक न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ दो मासूम बेटियों को सिर्फ इसलिए स्कूल से निकाल दिया गया क्योंकि उनके माता-पिता किसी कानूनी मामले में जेल में बंद हैं। शिक्षा के अधिकार (RTE) का उल्लंघन करते हुए स्कूल प्रबंधन के इस फैसले ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पीड़ित बच्चियों की शिक्षा बीच में रुकने से उनके भविष्य पर संकट गहरा गया है, जिसकी अब हर स्तर पर कड़ी निंदा की जा रही है।
बेरोजगारी के दौर में रेलवे की ओर से युवाओं के लिए राहत भरी खबर आई है। रेल कोच फैक्ट्री (RCF) ने विभिन्न पदों पर नई वैकेंसी के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो रेलवे जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सपना देख रहे हैं।
आज की ये घटनाएं व्यवस्था की दो अलग-अलग तस्वीरों को दर्शाती हैं। एक ओर जहाँ ढांचागत सुविधाओं की कमी मासूमों की जान ले रही है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक पूर्वाग्रह बच्चों के शिक्षा के अधिकार को छीन रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल सरकारी स्कूलों की सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करे, बल्कि उन बच्चियों को भी सम्मान के साथ स्कूल वापस लाने की व्यवस्था करे। रोजगार के नए अवसर निश्चित रूप से सकारात्मक हैं, लेकिन बुनियादी सुधार ही समाज की असली प्रगति का आधार बनेंगे।







