गोंद कतीरा की तासीर बेहद ठंडी होती है। यह न केवल शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, बल्कि भीषण गर्मी में होने वाली थकान, कमजोरी और नकसीर (नाक से खून आना) जैसी समस्याओं में भी राहत देता है। आजतक की इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिठास के लिए चीनी या गुड़ का नहीं, बल्कि प्राकृतिक विकल्पों का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे और भी हेल्दी बनाता है।
गोंद कतीरा शरबत बनाने की सामग्री:
गोंद कतीरा: 1-2 बड़े चम्मच (रात भर भिगोया हुआ)
पानी या दूध: 1 गिलास (ठंडा)
मिठास के लिए: शहद या मिश्री का पाउडर (धागे वाली मिश्री बेहतर है)
स्वाद के लिए: नींबू का रस या रूह अफजा (वैकल्पिक)
पुदीना पत्तियां: 4-5 (ताजगी के लिए)
तुलसी के बीज (Sabja): 1 चम्मच (भिगोए हुए)
बनाने की आसान विधि:
भिगोना है जरूरी: सबसे पहले गोंद कतीरा के 2-3 छोटे टुकड़ों को एक कटोरे पानी में रात भर के लिए भिगो दें। सुबह तक यह फूलकर पारदर्शी जेल (जैसे कुचली हुई बर्फ) जैसा हो जाएगा।
मिश्रण तैयार करें: एक गिलास ठंडा पानी या दूध लें। इसमें रात भर भिगोया हुआ 2 चम्मच गोंद कतीरा का जेल डालें।
नेचुरल मिठास: अब इसमें स्वादानुसार शहद या धागे वाली मिश्री का पाउडर मिलाएं। (मधुमेह रोगी बिना मिठास के भी ले सकते हैं)।
फ्लेवर टच: इसमें नींबू का रस, काला नमक और पुदीने की कुछ पत्तियां कूटकर डालें। अगर आप दूध के साथ बना रहे हैं, तो इसमें इलायची पाउडर या गुलाब जल की कुछ बूंदें मिला सकते हैं।
सर्व करें: सब्जा के बीज ऊपर से डालें और बर्फ के टुकड़ों के साथ इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें।
गोंद कतीरा शरबत के फायदे:
लू से बचाव: यह लू और हीट स्ट्रोक के प्रभाव को कम करता है।
एनर्जी बूस्टर: काम की थकान के बाद इसे पीने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है।
पाचन में सुधार: यह पेट की जलन को शांत करता है और कब्ज की समस्या दूर करने में सहायक है।
स्किन के लिए अच्छा: इसकी ठंडी तासीर चेहरे पर होने वाले कील-मुहासों और घमौरियों को कम करती है।







